जींद से सोनीपत तक फिर से किया गया हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल 

 जींद,एजेंसी । तकनीकी सुधार और मेंटेनेंस के बाद एक बार फिर से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल किया गया।सोमवार को पहली बार ट्रेन को जींद से सोनीपत रूट पर दो बार चलाया गया। इस दौरान हर जंक्शन पर ट्रेन को एक से दो मिनट पर रोका गया। ट्रेन सुबह लगभग साढ़े सात बजे हाइड्रोजन प्लांट के यार्ड से निकली। इसके बाद ट्रेन को जींद जंक्शन पर लाया गया। वहां से ट्रेन लगभग सुबह सवा 11 बजे सोनीपत के लिए रवाना हुई।

हाइड्रोजन ट्रेन दोपहर लगभग दो बजकर 50 मिनट पर सोनीपत पहुंची थी। यहां दस मिनट ठहराव के बाद हाइड्रोजन ट्रेन दोपहर तीन बजे सोनीपत से जींद के लिए रवाना हुई और शाम पांच बजकर 10 मिनट पर ट्रेन जींद पहुंची। इसके बाद ट्रेन शाम साढ़े पांच बजे जींद से सोनीपत के लिए दोबारा चली। जींद से सोनीपत रूट पर पहली बार ट्रेन के दो चक्कर लगाए गए।

इस दौरान हाइड्रोजन ट्रेन की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड रखी गई। इससे पहले 25 से 28 फरवरी को चार दिन तक हुए ट्रायल के दौरान जींद से सोनीपत रूट पर एक ही चक्कर लगाया गया था। एक सप्ताह बाद दिल्ली से मेनटेनेंस के लिए जींद पहुंची ट्रेन को दोबारा ट्रायल के लिए ट्रैक पर चलाकर देखा गया है।

 बता दें  कि जींद से सोनीपत रूट पर तीन पैसेंजर ट्रेन चल रही हैं। इसमें एक ट्रेन सुबह सवा 6 बजे चलती है। जो लगभग पौने नौ बजे सोनीपत पहुंचती है। इसके अलावा दूसरी ट्रेन सुबह साढ़े दस बजे चलती है। जो दोपहर को लगभग पौने एक बजे सोनीपत पहुंचती है। वहीं तीसरी ट्रेन दोपहर साढ़े 12 बजे चलती है। जो दोपहर लगभग ढाई बजे सोनीपत पहुंचती है। इस रूट पर चलने वाली ये देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन है।

जींद से सोनीपत के बीच की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है। जींद से चलकर ट्रेन भंभेवा, ईसापुर खेड़ी, बुटाना, गोहाना, राबरा, लाठ, मुहाना, बरवानसी और सोनीतप जैसे स्टॉप आते हैं। सोमवार को हुई ट्रायल में पैसेंजर ट्रेन की तरह हाइड्रोजन ट्रेन का एक मिनट के लिए ठहराव किया गया। जबकि पहले हुए ट्रायल में पांडू पिंडारा, भंभेवा और मुहाना में ही ट्रेन को रोका गया था।

No comments:

Post a Comment

Popular Posts