मिडिल ईस्ट की जंग ने फीका किया होली का रंग
शेयर बाजार निवेशकों के डूबे 9 लाख करोड़
नयी दिल्ली,एजेंसी। देश के अधिकतर इलाकों में होली आज बुधवार को सेलीब्रेट की जा रही है। लेकिन शेयर बाजार में गिरावट की वजह से इस सेलीब्रेशन को पूरी तरह से खराब किया। जहां सेंसेक्स में 1750 अंकों की गिरावट देखने को मिली वहीं दूसरी ओर निफ्टी 500 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। ये लगातार तीसरा कारोबारी दिन है, जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इन कारोबारी दिनों में शेयर बाजार निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है।
ये लगातार तीसरा कारोबारी दिन है, जब शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। इन कारोबारी दिनों में शेयर बाजार निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। वैसे एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। कोस्पी करीब 8 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ दिखाई दिया था। जबकि अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुआ है. जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है।
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
होली के दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। आंकड़ों को देखें तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 1,795.65 अंकों की गिरावट के साथ 78,443.20 अंकों पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया। जबकि सोमवार को सेंसेक्स 80,238.85 अंकों पर बंद हुआ थ। वैसे आज सुबह सेंसेक्स 78,528.82 अंकों पर ओपन हुआ था। जबकि 9 बजकर 37 मिनट पर सेंसेक्स 1676.19 अंकों की गिरावट के साथ 78,559.82 अंकों पर कारोबार कर रहा है। कुछ ही ऐसी ही स्थिति नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी में भी देखने को मिल रहा है। निफ्टी भी करीब 550 अंकों की गिरावट के साथ 24,315.45 अंकों के लोअर लेवल पर दिखाई दिया था। वैसे 9 बजकर 37 मिनट पर निफ्टी 515 अंकों की गिरावट के साथ 24,350.85 अंकों पर कारोबार कर रहा है. वैसे निफ्टी 24,388.80 अंकों पर ओपन हुआ था।
US-ईरान वॉर कम होने के कोई संकेत नहीं
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से ईरान और US-इज़राइल के बीच तनाव बढ़ रहा है, और पश्चिम एशिया में मिसाइलों की बौछार जारी है। इजराइल ने मंगलवार को दावा किया कि उसने तेहरान और बेरूत में नए हमले किए हैं। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि युद्ध अगले चार से पांच हफ़्तों में खत्म हो सकता है। लेकिन वह “इससे कहीं ज़्यादा समय तक चलने के लिए तैयार हैं। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, वीके विजयकुमार ने कहा कि वॉर बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ, बाज़ार बहुत ज़्यादा अनिश्चितता के दौर में जा रहे हैं. कोई नहीं जानता कि यह लड़ाई कब तक चलेगी और यह कितनी तबाही मचा सकती है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
बुधवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 66 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 92.15 पर आ गया, क्योंकि US-ईरान युद्ध से बढ़ते महंगाई के खतरों के बीच US डॉलर इंडेक्स कई महीनों के हाई पर पहुंच गया. कमजोर रुपया भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पूंजी के बाहर जाने को तेज कर सकता है, क्योंकि यह ज्यादा इनपुट लागत से कॉर्पोरेट मुनाफे पर दबाव का संकेत देता है. LKP सिक्योरिटीज के VP रिसर्च एनालिस्ट – कमोडिटी और करेंसी, जतीन त्रिवेदी के अनुसार तकनीकी रूप से, रुपया जल्द ही 91.0092.00 की रेंज में उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है, जिसमें क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम मुख्य वजहें हैं.
कच्चा तेल कई महीनों के हाई पर
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है। मंगलवार को कच्चे तेल के दाम करीब 10 फीसदी तक उछल गए थे। जबकि बाजार बंद होने तक 5 फीसदी की तेजी देखने को मिली। मौजूदा समय में इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जबकि WTI क्रूड 75 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया है, क्योंकि US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने शिपमेंट में रुकावट डाली है।


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