देहरादून में मेएमएस नेत्र रोग की छात्रा का कार में मिला शव
विभागीय डॉक्टरों पर लगे गंभीर आरोप, मुकदमा दर्ज
देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में स्थित एक नामी मेडिकल कॉलेज की एमएस नेत्र रोग की छात्रा सड़क किनारे खड़ी कार में अचेत अवस्था में मिली. परिजन शीशा तोड़कर उसे बाहर निकालकर महंत इंद्रेश अस्पताल ले गए. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. छात्रा के पिता ने विभागाध्यक्ष डॉक्टर पर मानसिक, शैक्षणिक, आर्थिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं. छात्रा के पिता की तहरीर के आधार पर विभागीय डॉक्टर के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है.
हरियाणा के अंबाला सिटी के मॉडल टाउन निवासी ललित मोहन ने कोतवाली पटेलनगर में एक शिकायत दर्ज कराई है. जिसमें उन्होंने बताया है कि उनकी 23 साल की बेटी तन्वी सितंबर 2023 से पटेलनगर स्थित नामी मेडिकल कॉलेज में एमएस ऑप्थैल्मोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. जो अपनी मां के साथ देहरखास में रहती थी.
पिता का आरोप है कि पहले उसकी विभागाध्यक्ष कोई और थी, लेकिन दिसंबर 2025 में महिला डॉक्टर को विभागाध्यक्ष बना दिया गया. विभागीय नेतृत्व बदलने के बाद उनकी बेटी को लगातार दबाव में रखा गया.
लॉग बुक में पहले अच्छे अंक दिए गए, लेकिन आरोप है कि बाद में विभागाध्यक्ष की ओर से जानबूझकर कम अंक देकर फेल करने की धमकी दी जाने लगी. पिछले चार महीनों से छात्रा लगातार तनाव में थी. उसने घर पर कई बार विभागीय व्यवहार और दबाव की जानकारी दी थी. जिसके बाद पिता ने कई बार विभागाध्यक्ष से मिलकर बेटी के भविष्य को प्रभावित न करने की गुजारिश की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
बीती देर रात तन्वी ने करीब एक घंटे तक पिता से फोन पर बात कर अपनी परेशानी बताई. रात करीब 11:15 बजे उसने मैसेज भेजा कि वो 12:30 बजे तक घर पहुंच जाएगी, लेकिन इसके बाद संपर्क नहीं हो सका. पिता तत्काल अंबाला से देहरादून के लिए पहुंचे. देर रात जब परिजन तलाश करते हुए अस्पताल मार्ग पर पहुंचे तो तन्वी की कार सड़क किनारे खड़ी मिली. तन्वी ड्राइविंग सीट पर अचेत थी.
हाथ में कैनुला लगी थी और कार में इंजेक्शन आदि सामग्री बिखरी पड़ी थी. कार अंदर से लॉक थी, जिसके बाद स्वजनों ने शीशा तोड़कर दरवाजा खोला. परिजनों ने तन्वी को अस्पताल पहुंचाया. जहां जांच पड़ताल के बाद डॉक्टरों ने तन्वी को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद तन्वी के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
क्या बोले महंत इंद्रेश अस्पताल के मुख्य जन संपर्क अधिकारी?
महंत इंद्रेश अस्पताल के मुख्य जन संपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि युवावस्था में एक डॉक्टर का यूं चले जाना बेहद अफसोस जनक है. जैसा कि जानकारी में आया है कि डॉक्टर तन्वी लंबे समय से मानसिक रोग का उपचार ले रही थीं. ऐसी जानकारी मिली है.
भूपेंद्र रतूड़ी के मुताबिक, तन्वी ने 2 साल पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था. 31 दिसंबर 2025 की रात भी तन्वी ने आत्महत्या का प्रयास किया था. इस बात को डॉ. तन्वी के अभिभावक भली भांति जानते थे, इसलिए वो तन्वी का मनोरोग उपचार भी नियमित करवा रहे थे.
भूपेंद्र रतूड़ी का कहना था कि बीमारी की वजह से तन्वी के अभिभावक कॉलेज कैंपस के पास कमरा लेकर रह रहे थे. तन्वी की मानसिक बीमारी का लिखित कंसेंट अभिभावकों की ओर से एमएस ऑफिस में पहले ही दिया हुआ है.
बोले अधिकारी
"मृतका के पिता की तहरीर के आधार पर विभागाध्यक्ष डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस घटना के संबंध में जांच पड़ताल कर रही है. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है."- प्रमोद शाह, एसएसआई, कोतवाली पटेलनगर


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