'अवसरवादी मतलब पंडित ?'

दरोगा भर्ती परीक्षा के सवाल पर मचा सियासी घमासान, ब्रजेश पाठक के तेवर तल्ख

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती की परीक्षा उस समय विवादों के घेरे में आ गई, जब सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछे गए एक विकल्प ने ब्राह्मण समाज और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश पैदा कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा के एक सवाल को लेकर अब भाजपा के भीतर ही बगावती सुर सुनाई देने लगे हैं।

परीक्षा के प्रश्नपत्र में प्रश्न संख्या 31 पर पूछा गया था:

“अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को आप क्या कहेंगे?”

इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे:

सदाचारी

पंडित

अवसरवादी

निष्कपट

हैरानी की बात यह है कि 'अवसरवादी' के साथ 'पंडित' शब्द को विकल्प के रूप में जोड़ना कई लोगों को नागवार गुजरा। इसे सीधे तौर पर एक विशेष समुदाय की गरिमा और भावनाओं को आहत करने वाला कदम बताया जा रहा है।

भाजपा के भीतर उबाल: अभिजात मिश्रा ने खोला मोर्चा

इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, "इस तरह के सवाल न केवल सामाजिक सौहार्द बिगाड़ते हैं, बल्कि एक पूरे समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाते हैं।"

सूत्रों के अनुसार, मामला दिल्ली तक पहुँच चुका है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में हुई बैठक में भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। चर्चा है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी इस पर सख्त रुख अपनाया है, जिससे शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। उन्होंने एक ट्वीट करके इस पर अपनी गंभीर आपत्ति जताई है। इस मामले पर जांच बैठा दी गयी है। 

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