एनएसएस शिविर का हुआ भव्य समापन
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई 3 व 4 के सात दिवसीय विशेष दिन-रात्रि शिविर का अंतिम दिन घाट गाँव में अपार उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इकाई 3 समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा व इकाई 4 समन्वयक डॉ. विशाल कुमार के निर्देशन में क्रमशः घाट एवं सोरखा में चले इस शिविर ने स्वयंसेवकों को ग्रामीण सेवा, पर्यावरण संरक्षण व जागरूकता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां दीं। समापन समारोह में दोनों इकाइयों के स्वयंसेवक, ग्रामीण व विश्वविद्यालय पदाधिकारी शामिल हुए।
स्वयंसेवकों ने देशभक्ति गीतों पर नृत्य, नुक्कड़ नाटक व स्किट्स से पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण व स्वच्छ भारत पर संदेश दिए। ग्रामीणों ने सफाई, स्वास्थ्य शिविर व वृक्षारोपण के कार्यों की तारीफ कर स्मृति चिन्ह भेंट किए। इस अवसर पर सुभारती नर्सिंग कॉलेज की डीन व प्रिंसिपल प्रो. डॉ. गीता परवंदा, फिजियोथेरेपी कॉलेज प्राचार्य डॉ. अमित गोयल, डॉ. कपिल व कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे। इस शिविर के सफल समापन के साथ विश्वविद्यालय लौटने पर विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने एनएसएस के सभी स्वयंसेवकों एवं कार्यक्रम अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि एनएसएस के माध्यम से आपने जो सेवा भाव जागृत किया है, वह राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। सात दिनों में आपने ग्रामीण जीवन को छुआ, पर्यावरण को बचाया और समाज को मजबूत बनाया। याद रखें, सच्ची सेवा तब होती है जब हम अपने आराम को त्यागकर दूसरों का कल्याण करें।
सुभारती विश्वविद्यालय आप सभी पर गर्व करता है। आगे बढ़ें, और राष्ट्र को नई दिशा दें। डॉ. अमित कुमार, कार्यक्रम समन्वयक एनएसएस प्रकोष्ठ ने कहा, कि यह शिविर सुभारती विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) शल्या राज व कुलपति प्रो. (डॉ) प्रमोद कुमार शर्मा के मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन के कारण ही सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है। यह शिविर हमारी एनएसएस इकाइयों की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है। लक्ष्मीकांत शर्मा और डॉ. विशाल कुमार के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने न केवल शारीरिक श्रम किया, बल्कि हृदय से सेवा का संदेश फैलाया। ग्रामीणों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं सभी को बधाई देता हूँ और संकल्प लेने का आह्वान करता हूँ कि हम प्रतिवर्ष ऐसे शिविरों को और विस्तार देंगे। समाज सेवा ही हमारा धर्म है—इसे कभी न भूलें। कार्यक्रम राष्ट्रगान व संकल्प के साथ समाप्त हुआ।


No comments:
Post a Comment