भुगतान न मिलने पर किसानों ने पराग डेरी पर लगाया ताला
पांच जिलों के किसान गेट पर धरने पर बैठे
मेरठ। करीब 32 कराेड़ का तीन माह से भुगतान न होने पर किसानों ने परतापुर स्थित पराग डेरी के मुख्य द्वार पर ताला डाल कर धरने पर बैठ गये। इस दौरान किसानों ने जमकर हंगामा किया। जीएम से फोन पर बात होने के बाद ही किसान धरने से उठे।
दरसअल पराग डेरी पर पांच जिलों के किसानों का पिछले तीन माह से करीब 32 करोड़ रुपये पेमेंट रुका हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें न तो फोन पर कोई सीधा जवाब दिया जा रहा था और न ही अन्य माध्यम से जानकारी दी जा रही है। इस पर गंगोल स्थित पराग डेरी पर पहुंचे और हंगामा किया। किसानों ने गेट पर बाहर से ताला जड़ दिया। जीएम से फोन पर बात होने के बाद किसान धरने से उठे।
अलग अलग जनपदों से आए किसान कुलदीप कुमार, दीपक कुमार, प्रदीप शर्मा, रोहित चौधरी, नीरज कुमार, सलेखचंद ने बताया कि मेरठ मंडल के पांच जनपद बुलंदशहर, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ, हापुड़ के किसानों का दूध आता है। पराग डेरी ने सभी जनपदों में अपने सेंटर खोले हुए है।
किसान सेंटरों पर दूध डालते हैं, लेकेिन पेमेंट डेरी से मिलता है। पिछले तीन माह का पेमेंट पराग डेरी ने रोका हुआ है। अभी तक नहीं दिया। पांच जनपदों का 32 करोड़ रुपये पेमेंट बकाया है। किसानों ने बताया कि मंगलवार को जब वह पराग डेरी के गेट पर पहुंचे तो गार्डों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। जिसके बाद किसानों ने बाहर से ही गेट पर ताला लगा दिया। पराग के जीएम अविनाश कुमार अपने कार्यालय में नहीं थे।
हालांकि बाद में पराग के तीन मैनेजर विनोद कुमार, डीएन शर्मा, सुधीर राठी किसानों के बीच में पहुंचे और उन्होंने जीएम से बात कराई। जीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि 23 मार्च को उनका पेमेंट कर दिया जाएगा। जिसके बाद किसानों ने हंगामा और धरना खत्म किया। किसान करीब तीन घंटे तक पराग गेट पर डटे रहे।
देहात प्रभारी ने बात करने से किया इनकार
किसान कुलदीप कुमार ने बताया कि जब वह गेट पर पहुंचे तो गार्ड ने अंदर से गेट बंद कर दिया। उन्होंने पराग की देहात प्रभारी गीता को मैसेज दिया कि किसान बात करेंगे, लेकिन गीता ने किसानों से बात करने से मना कर दिया। जिसके बाद किसानों ने बाहर से गेट पर ताला लगाया।


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