कार्यकारी परिषद की पहली बैठक में शैक्षणिक विस्तार, परीक्षा नीति और संस्थागत उपायों को मंजूरी

 बैठक में  प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कोच तथा अन्य कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या संलग्नता के आधार पर नियुक्त करने की आवश्यकता और व्यवस्था को भी स्वीकृति दी

 मेरठ।  मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय, मेरठ की कार्यकारी परिषद की पहली बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विस्तार तथा उसके शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपायों को मंजूरी दी गई।

9 मार्च को आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत, वीएसएम (सेवानिवृत्त), अर्जुन पुरस्कार विजेता ने की। उन्होंने खेल शिक्षा और खिलाड़ी विकास के लिए एक सशक्त शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मेजर जनरल दीप अहलावत ने कहा,“मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय की स्थापना खेल उत्कृष्टता के साथ शैक्षणिक प्रगति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है। हमारा लक्ष्य ऐसा तंत्र विकसित करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्राप्त कर सकें।”

बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों में विश्वविद्यालय की परीक्षा नीति को मंजूरी देना शामिल है, जिसका उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, समय पर परिणाम घोषित करना तथा मानकीकृत परीक्षा प्रणाली स्थापित करना है।

कार्यकारी परिषद ने विश्वविद्यालय के प्रारंभिक चरण में शैक्षणिक, प्रशासनिक और खेल प्रशिक्षण गतिविधियों के सुचारु संचालन के लिए प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, कोच तथा अन्य कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति या संलग्नता के आधार पर नियुक्त करने की आवश्यकता और व्यवस्था को भी स्वीकृति दी।

विश्वविद्यालय की शैक्षणिक योजना और संस्थागत विकास को सुदृढ़ करने के लिए कार्यकारी परिषद ने *एक पेशेवर कंसल्टेंसी फर्म की सेवाएं लेने को भी मंजूरी दी, जो पाठ्यक्रम निर्माण, शैक्षणिक प्रणाली, गुणवत्ता आश्वासन और नियामकीय अनुपालन जैसे क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करेगी।

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य खेल विवि अधिनियम, 2021 में प्रस्तावित संशोधनों को भी मंजूरी दी गई।, जिससे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और संस्थागत कार्यों को अधिक सुचारु रूप से संचालित किया जा सके।

कार्यकारी परिषद ने चालू और आगामी शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रवेश प्रक्रिया और शुल्क संरचना के ढांचे को भी स्वीकृति प्रदान की। वर्तमान में विश्वविद्यालय मेंबी.पी.ई.एस. (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है तथा भविष्य में खेल शिक्षा, खेल विज्ञान, कोचिंग और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है।

लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर की कुलपति और कार्यकारी परिषद की सदस्य प्रो. कल्पना शर्मा ने कहा कि एक सुव्यवस्थित प्रवेश प्रणाली किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा लिए गए निर्णय पारदर्शिता, निष्पक्षता और शैक्षणिक विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के साथ-साथ देशभर के विद्यार्थियों और खिलाड़ियों के लिए नए अवसर प्रदान करेंगे।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और परिषद सदस्य प्रो. बी. सी. कापरी ने कहा कि स्वीकृत परीक्षा नीति और अन्य शैक्षणिक उपाय विश्वविद्यालय में एक पारदर्शी और विश्वसनीय शैक्षणिक ढांचा स्थापित करने में सहायक होंगे।

कार्यकारी परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए प्रस्तावित बजट को भी मंजूरी दी, जिससे विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रशासनिक कार्यों और संस्थागत विकास को गति मिलेगी।

परिषद के सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि ये आधारभूत निर्णय 

मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय को खेल शिक्षा, खेल विज्ञान और खिलाड़ी विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र* के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।अंत में कुलपति ने कार्यकारी परिषद के सदस्यों को उनके महत्वपूर्ण सुझावों और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।

 बैठक में ये रहे मौजूद 

बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई), ग्वालियर की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा; बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. बी. सी. कापरी; कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर प्रो. अरविंद मलिक; एसवीपीयूएएंडटी, मेरठ के कृषि महाविद्यालय के डीन प्रो. विवेक धामा; एसवीपीयूएएंडटी, मेरठ के डीन छात्र कल्याण डॉ. डी. के. सिंह; पूर्व निदेशक, एनआईएस पटियाला और खेल प्रशासक कर्नल आर. एस. बिश्नोई (सेवानिवृत्त); तथा कैलाश प्रकाश स्टेडियम, मेरठ के खेल प्रशिक्षक श्री भूपेश कुमार शामिल थे।विश्वविद्यालय के अधिकारियों में वित्त अधिकारी लक्ष्मी मिश्रा तथा विश्वविद्यालय के कुलसचिव  सुनील कुमार झा, जो कार्यकारी परिषद के सचिव भी हैं, बैठक में उपस्थित रहे।

कार्यकारी परिषद के तीन सदस्य ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ललित कुमार उपाध्याय, लेफ्टिनेंट जनरल जय सिंह नैन (सेवानिवृत्त), पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, तथा ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और भारतीय ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष  गगन नारंग अपरिहार्य कारणों से बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।


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