इस बार मार्च माह में पढ़ सकती है अधिक गर्मी

अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास हो सकता है मार्च में ही

प्रो. आर एस सेंगर

मेरठ।  इस बार फरवरी 2026 में हम लोगों ने सुखी विदाई कर दी है अब जलवायु परिवर्तन के कारण उत्तर भारत में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है लगभग सर्दियों के कपड़े लोगों ने समेटने ने शुरू कर दिए हैं और पंखे का प्रयोग प्रारंभ कर दिया है क्योंकि तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है मार्च के पहले ही सप्ताह में अधिकतम तापमान सम्मान से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक ऊपर जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 

 हालात ऐसे बन रहे हैं कि मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस की जा सकती है और कुछ क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति भी बन सकती है इस बार गर्मी का मौसम लंबा और अधिक तीखा होने की संभावना व्यक्त की जा रही है जिससे आम जनजीवन प्रभावित होगा साथ ही बिजली की मांग में काफी बढ़ोतरी हो सकती है मार्च में अधिक गर्मी पढ़ने के कारण रवी की फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है जिससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। 

 मौसम विभाग का मानना है कि मार्च से में के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक हीट वेव के दिन दर्द हो सकते हैं । जिससे बिजली की मांग काफी बढ़ सकती है।  हीट वेव ज्यादा होने के कारण आम जनता का जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। हीट वेव उत्तर भारत के परिपेक्षय में विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश  साथ ही पश्चिमी राजस्थान हरियाणा एवं पंजाब को अधिक संवेदनशील माना जा रहा है।  इसलिए हीट वेव को देखते हुए अभी से इससे बचने के कदम उठाने की आवश्यकता है। जिससे भविष्य में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्रभाव से खेती किसानी जनजीवन को प्रभावित होने से बचाया जा सके। 

निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेरठ

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