आरएसएस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया आरंभ
अब पूरे देश में होंगे 85 संभाग ,अब यूपी और उत्तराखंड के 7 प्रांतों की जगह होंगे 12 संभाग
पूरा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड मिलाकर अब एक क्षेत्र होगा
मेरठ। हरियाणा के समलखा में गत 13,14,15 को आयोजित आरएसएस की राष्ट्रीय स्वंय सेवक संष अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन किया गया। जिसमे आरएसएस ने संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। संघ ने अपने तीन मूल मंत्र जागरण ,संगठित व सक्रिय को मानते हुए उददेश्यों को पूरा करने के लिए सहायक भूमिका निभाने के उददेश्य से बदलाव किए है। जिन्हे एक साल में पूरा किया जाएगा।
सूरज कुंड स्थित विश्व संवाद केन्द्र पर मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघ चालक सूर्य प्रकाश टोंक एवं प्रान्त संघचालक प्रेमचंद ने समालखा में 13,14,15 मार्च को संपन्न हुई अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में हुए निर्णयों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पश्चिम उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब पूरे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर एक क्षेत्र कहलाएगा। मेरठ समेत देश के सभी 46 प्रांत भंग हो जाएंगे। उसकी जगह पर संभाग आकार लेंगे। अब पूरे देश में 85 संभाग होंगे।
उन्होंने बताया कि मेरठ प्रांत में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल हैं, लेकिन प्रांत को समाप्त करके संभाग व्यवस्था लागू होगी। मेरठ संभाग में सिर्फ मेरठ और सहारनपुर मंडल रहेंगे। मुरादाबाद मंडल और बरेली को मिलाकर अलग संभाग बनेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अभी तक सात प्रांत थे, उसकी जगह पर अब 12 संभाग हो जाएंगे। उन्होंने बताया इस बदलाव को मकसद है जो कार्य प्रांत कर रहे है वे कार्य अब संभाग करेंगे। यह फैसला परेशानियों को कम करने के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया एक साल में लिए गये फैसलों को अमलीजाम पहना दिया जाएगा।
उन्होंने बताया आरएसएस की ओर से विजयादशमी उत्सव के तहत शताब्दी वर्ष के तहत 28 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक गृह सम्पर्क अभियान चलाया गया। जिसमें कुछ 991 मंडल में 9857 ग्राम ,1622 बस्ती को मिलाकर 4398658 घरों पर सम्पर्क किया। इस दौरान 19479 विशेष व्यक्ति से सम्पर्क कर विशेष संवाद किया। इस दौरान 540040 पुस्तकों की बिक्री की गयी। जिसमें काफी चीजे निकलकर आयी। उसी तरह 11जनवरी से 15 फरवरी तक563 हिन्दु सम्मेलन आयोजित किए गये। जिसमें शहरी व ग्रामीणों की संख्या 1264302 रही। जिसमें 851428 पुरूष व 412874 महिलाओं की संख्या रही। वक्ता संघ से विविध संगठन से 1976 व समाज से 1633 लोगों ने शिरकत की।


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