श्री अग्रसेन कन्या पी.जी.कॉलेज का मामला

कार्यमुक्त शिक्षकों ने उठाई प्राचार्य की बर्खास्तगी की मांग
 आयोग से नियुक्त शिक्षकों के परमानन्दपुर परिसर में उपस्थिति पर उठे सवाल

वाराणसी। श्री अग्रसेन कन्या पी जी कॉलेज के कार्यमुक्त शिक्षकों को विश्वविद्यालय एवं हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद भी  महाविद्यालय प्रशासन द्वारा 29 शिक्षक-कर्मचारियों की बहाली नहीं की गई और न ही वेतन निर्गत किया गया। विगत लगभग 9-10 महीने से चल रहे विवाद ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। कार्यमुक्त शिक्षकों ने प्राचार्य पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है।
शिक्षकों का आरोप है कि प्राचार्य ने अनुदानित विषयों को पढ़ाने हेतु आयोग से नियुक्त शिक्षकों को कॉलेज के परमानन्दपुर परिसर में अध्यापन की नियमविरुद्ध तरीके से अनुमति दी है। इसकी शिकायत प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं उच्चशिक्षा निदेशक सहित विश्वविद्यालय के कुलपति से की है। महाविद्यालय के हिंदी विभाग में पूर्व में कार्यरत शिक्षिका बड़ी पटिया निवासी डॉ. प्रतिभा तिवारी ने महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रबंधक को 13 मार्च, 2026 को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से प्राचार्य के विरुद्ध शिकायती पत्र देते हुए जाँच कराने व प्राचार्य को बर्खास्त करने की मांग की है।
शिकायती पत्र में लिखा है कि श्री अग्रसेन कन्या पी. जी. कॉलेज वाराणसी की स्थापना 3 नवंबर,1973 में हुईं थी। उत्तरप्रदेश शासन द्वारा समस्त अनुदानित विषयों की मान्यता बुलानाला परिसर के लिये प्रदान की गई है।अनुदानित विषयों के अध्यापन हेतु आयोग द्वारा चयनित समस्त शिक्षकों की नियुक्ति बुलानाला परिसर के लिये ही की गई है।  
वर्तमान में महाविद्यालय की प्राचार्य द्वारा नियमविरुद्ध तरीके से  स्नातक/स्नात्तकोत्तर कक्षाओं के अध्यापन हेतु स्थायी शिक्षकों को परमानन्दपुर परिसर में उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर करने हेतु अनुमति दी गई है और बुलानाला परिसर में स्थायी शिक्षकों के अनुपस्थित रहने पर अध्ययनरत समस्त छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
शिकायतकर्ता  ने उत्तरप्रदेश शासन से महाविद्यालय के मूल स्थान बुलानाला,वाराणसी में सरकार द्वारा अनुदानित विषयों को पढ़ाने हेतु आयोग द्वारा चयनित समस्त शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं उपस्थिति पत्रक (उपस्थिति समयानुसार सीसी टीवी फुटेज ) की जाँच कर उनकी परिसर में उपस्थिति की पुष्टि करने की मांग की है।
उन्होंने मांगकी है कि  तथा बुलानाला परिसर में स्थायी शिक्षक यदि अनुपस्थित पाए जाते हैं तो उन्हें अवकाश की श्रेणी में दर्ज कर वेतन रोका जाय एवं प्राचार्य द्वारा सरकार को गुमराह कर स्थायी शिक्षकों से अपने मूलस्थान से अन्यत्र कार्य लेने के नियमविरुद्ध कृत्य का संज्ञान लेने का अनुरोध करते हुए प्राचार्य को बर्खास्त किया जाए।
शिकायत करने वालों में डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. बृजेश पाण्डेय, डॉ. प्रतिभा तिवारी, डॉ. पूनम श्रीवास्तव, डॉ मीना अग्रवाल, डॉ विनीता पाण्डेय और डॉ. अर्चना सिंह आदि शामिल हैं।

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