मोबाइल की तरह है स्मार्ट मीटर - चीफ इंजीनियर
स्मार्ट मीटर के भ्रम को लेकर अधिकारियों ने उपभोक्ताओं को किया जागरूक
मेरठ। पीवीवीएनएल के 14 जिलों में स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रहे भ्रम को दूर करने के लिए मंगलवार को अधीक्षण अभियंता मुनीश चोपड़ा से स्थिति को साफ कर दिया। उनका कहना है स्मार्ट मीटर मोबाइल की तरह काम करता है। उन्होंने कहा- स्मार्ट मीटर पूरी तरह उपभोक्ताओं के हित में हैं। इसमें किसी तरह की तकनीकी गड़बड़ी नहीं है।
अपने कार्यालय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह मीटर प्रीपेड सिस्टम पर काम करता है, जैसे मोबाइल रिचार्ज होता है। उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल करना चाहते हैं, उतना पहले रिचार्ज करेंगे। बैलेंस खत्म या नेगेटिव होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी। रिचार्ज करते ही कनेक्शन फिर से चालू हो जाएगा।
25 हजार कनेक्शन कटे, 23 हजार मिनटों में जुड़े
उनके अनुसार हाल ही में लगभग 25 हजार कनेक्शन ऑटो डिस्कनेक्ट हुए थे, जिनमें से करीब 23 हजार कनेक्शन एक मिनट के भीतर ही ऑटो रिकनेक्ट हो गए। बाकी कनेक्शन भी एक घंटे के अंदर जोड़ दिए गए। कुछ मामलों में पेमेंट गेटवे या तकनीकी जैसे नेटवर्क जैसे कारणों से 2 घंटे तक का समय लगा।
1912 हेल्पलाइन और हेल्प डेस्क सक्रिय
उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए 1912 हेल्पलाइन के साथ-साथ शहर में कई हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। गंगानगर और विश्वविद्यालय क्षेत्र में विशेष टीमें तैनात हैं, जो शिकायत दर्ज करने, ऐप डाउनलोड कराने और समस्याओं का समाधान करने में मदद कर रही हैं।बताया कि “UPPCL स्मार्ट ऐप” के जरिए उपभोक्ता अपनी दैनिक खपत, बैलेंस, खर्च और डिमांड जैसी सभी जानकारी आसानी से देख सकते हैं। साथ ही वहीं से रिचार्ज भी कर सकते हैं।
2-3 दिन बिजली न आने की शिकायतें भी आईं
कुछ उपभोक्ताओं ने 48 से 60 घंटे तक बिजली न आने की शिकायत की। जांच में सामने आया कि ऐसे कई मामलों में समस्या स्मार्ट मीटर की नहीं, बल्कि घर के अंदर वायरिंग, MCB या फ्यूज की खराबी की थी। व्यापारियों द्वारा लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों पर मुनीश चोपड़ा ने कहा कि विभाग का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं है, बल्कि नई तकनीक के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने माना कि जानकारी की कमी के कारण ही भ्रम की स्थिति बनी।
अब केवल स्मार्ट मीटर ही लगेंगे
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब नए सभी कनेक्शनों पर केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं। मैन्युअल मीटर की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। यह कार्य सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के निर्देशों के तहत किया जा रहा है। विभाग ने बताया कि कनेक्शन जोड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। पेमेंट कन्फर्म होते ही कनेक्शन तुरंत बहाल किया जाता है। यदि कहीं कोई कर्मचारी उपभोक्ता को परेशान करता है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


No comments:
Post a Comment