गैस सिलिंडर के लिए मारामारी, बेकाबू हुए हालात
- बुलानी पड़ रही पुलिस, जाम और प्रदर्शन की नौबत
लखनऊ (एजेंसी)।ईरान-इस्राइल युद्ध से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि गैस एजेंसियों पर सुबह से ही भीड़ जुट रही है। गैस न मिलने से नाराज ग्राहकों व एजेंसी के कर्मचारियों के बीच तकरार हो रही है। गैस की किल्लत से उद्योग-धंधे भी बुरी तरह से प्रभावित हैं। प्रयागराज के झुंसी में बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। कुछ देर के लिए गैस एजेंसी कार्यालय भी बंद कर दिया गया।
शाहजहांपुर के जलालाबाद में रसोई गैस सिलिंडर न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने हंगामा करते हुए सुबह करीब दस बजे बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया। हालांकि, सूचना पाकर कुछ ही देर बाद वहां पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा बुलवा दिया। गोरखपुर के भरोहिया में रसोई गैस की किल्लत से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल पाने से लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। पीपीगंज स्थित एजेंसी सील होने के बाद गैस वितरण ठप होने से उपभोक्ताओं का गुस्सा बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया।
फिरोजाबाद जिले में रसोई गैस का संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुट रही है। गैस कंपनी के औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली गैस के कोटे में 20 प्रतिशत की कटौती से कांच व चूड़ी उद्योग पर ताले लटकने की नौबत आ गई है।
गैस आपूर्ति बाधित होने की मार बिसावर के चांदी के घूंघरू और आभूषण बनाने के कारोबार पर पड़ी है। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं होने से यहां की 180 छोटी-बड़ी फैक्टरियों में काम बंद हो गया है। करीब 4000 कारीगरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि युद्ध से उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों पर सरकार की नजर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस या अन्य जरूरी ईंधन की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।


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