कुलपति के आदेश पर भी कार्यमुक्त शिक्षकों को नहीं हो रहा भुगतान
हाईकोर्ट के निर्देश को भी ठेंगा दिखा रहा अग्रसेन महिला कालेज प्रबंधनवाराणसी।हाईकोर्ट के निर्देश और काशी विदयापीठ के कुलपित के आदेश को भी अग्रसेन महिला पीजी कॉलेज प्रबंधन धता बताने में जुटा है। कुलपति के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कालेज प्रबंधन कार्यमुक्त 16 शिक्षकों और 15 कर्मचारियों को अबतक भुगतान नहीं कर रहा है। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों तीखा रोष है।
गौरतलब है कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर कााशी विद्यापीठ के कुलपति ने शिक्षकों के मामले की विस्तार से सुनवाई की। सुनवाई के बाद कुलपति ने कार्यमुक्त शिक्षकों के पक्ष में फैसला देते हुए कॉलेज प्रबंधन को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिया। बावजूद इसके कालेज प्रबंधन पर जूं तक नहीं रेंग रही। शिक्षकों ने बताया कि 27 फरवरी के कुलपति के इस फैसले के बाद भी अब तक कॉलेज प्रबंधन की तरफ से उन्हें भुगतान नहीं किया गया है। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में अग्रसेन कॉलेज की प्रबंधक भी बाकायदा मौजूद थीं।
गौरतलब है कि यह 31 शिक्षक/ कर्मचारी जुलाई 2025 से न्याय के लिए भटक रहे हैं। दो बार उच्च न्यायालय इलाहाबाद से इनके पक्ष में निर्णय हुआ।उच्च शिक्षा निदेशक प्रयागराज की समिति ने भी इनके पक्ष में निर्णय दिया और अब उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्णय के आलोक में मा. कुलपति,एम जी काशी विद्यापीठ वाराणसी ने निर्णय दिया है।
गलत तरीके से निष्कासित शिक्षकों/कर्मचारियों को साथ लेकर संघर्ष कर रहे डॉ.श्वेता सिंह एवं डॉ बृजेश पाण्डेय का कहना है कि प्रबंधन और प्राचार्य की हठधर्मिता और कुप्रबंधन और जिद के कारण कालेज लगातार गिरावट की ओर है। शिक्षकों के निष्कासन से शिक्षण कार्य न के बराबर हो रहा है।
महाविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर, पूर्व संकायाध्यक्ष तथा कॉलेज के शिक्षक संघ के संस्थापक महामंत्री और पूर्व अध्यक्ष डॉ. ओपी चौधरी का कहना है कि आज महाविद्यालय प्रशासन की कुव्यवस्था के कारण अपनी साख खोता जा रहा है।ऐसे में कॉलेज की मातृ संस्था श्री काशी अग्रवाल समाज को समाधान के लिए आगे आना चाहिए।


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