गम-ए-अली में आंखे अश्कबार, मजलिसें पूरी 

 मेरठ से जोगीपुरा दरगाह पहुंचे सैकड़ों शिया मुसलमान 

 आज से फिर शुरू हो जाएंगी खामेनेई के सोग की मजलिसें

 मेरठ। हज़रत अली की शहादत के सिलसिले में तीन दिवसीय मजलिसें बुधवार को संपन्न हो गईं। उधर बुधवार को मेरठ से बड़ी संख्या में शिया मुसलमान प्रसिद्ध जोगीपुरा दरगाह पहुंचे और हजरत अली की याद में आयोजित मजलिस में भाग लिया। यह मजलिस उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी और प्रसिद्ध शिया आलिम मौलाना कल्बे जव्वाद की देख रेख में आयोजित की गई। उधर सोग के अंतिम दिन शास्त्री नगर सेक्टर 4 स्थित शाह जलाल हॉल में महिलाओं की मजलिस को कारवाने जैनब की प्रवक्ता तबस्सुम फातिमा रिज़वी ने हज़रत अली की दास्ताने ए खिताब किया। इस दौरान सोगवार फूट फूट कर रोए।

 शहर भर की विभिन्न इमामबरगाहों, जैदी फार्म और लोहिया नगर में भी मजलिसों का आयोजन किया गया। छोटी करबला में सहारनपुर के मौलाना हुसैन मेंहदी और इमामबारगाह ज़ाहिदियान में लखनऊ के मौलाना अली रिजवान ने हजरत अली की शहादत बयां की। इन  सभी इमामबारगाहों में मजलिस के बाद हज़रत अली के शबीह ए ताबूत भी बरामद हुए। इस दौरान अंजुमन इमामिया के वाजिद अली गप्पू और चांद मियां ने नोहे पढ़े। जैदी सोसाइटी स्थित इमामबारगाह पंजतनी में मौलाना राशिद अली ज़ैदी और दरबार ए हुसैनी में मौलाना अमीर आलम ने मजलिस पढ़ी। शाह जलाल हॉल में अलविदाई मजलिस हुई। उधर मोहर्रम कमेटी के मीडिया प्रभारी अली हैदर रिज़वी ने बताया कि गुरुवार से ईरान के सुप्रीम लीडर रहे  अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत पर मजलिसों का सिलसिला शुरू हो जाएगा जो उनके सुपुर्द ए खाक होने तक जारी रहेगा।

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