शाही ईदगाह में उमड़ा आस्था का सैलाब
लाखों अकीदतमंदों ने एक साथ पढ़ी ईद की नमाज
मेरठ। क्रांतिधरा मेरठ में ईदुल-फितर का त्योहार पूरे धार्मिक उल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। शहर की ऐतिहासिक शाही ईदगाह में आज सुबह लाखों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकत्र होकर खुदा की बारगाह में सजदा किया। नमाज के उपरांत सामूहिक रूप से हाथ उठाकर शहर, प्रदेश और देश में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ मांगी गई।
शासन के निर्देशों का पालन करते हुए इस बार भी यह सुनिश्चित किया गया कि नमाज ईदगाह परिसर के भीतर ही अदा की जाए। जिला प्रशासन और धर्मगुरुओं के बीच हुए बेहतर समन्वय का परिणाम रहा कि लाखों की भीड़ के बावजूद यातायात सुचारू रहा और सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी गई। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को सेक्टर और जोन में बांटा गया था।
मैदान में डटे रहे आला अधिकारी
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डा वी के सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पाण्डेय स्वयं सड़कों पर उतरे। अधिकारियों ने पैदल गश्त कर सुरक्षा इंतजामों को परखा और नमाज संपन्न होने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की मुबारकबाद दी। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए ईदगाह के आसपास की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई।
एसएसपी मेरठ, अविनाश पाण्डेय ने बताया: "आज ईद की नमाज जनपद में अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा और हमने सुनिश्चित किया कि नमाजियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। धर्मगुरुओं और जनता के सहयोग से सड़कों पर नमाज न पढ़ने के नियमों का पूरी तरह पालन हुआ है। चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है और हम सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हैं।"
नमाज मुकम्मल होने के बाद ईदगाह के बाहर गले मिलने और एक-दूसरे को मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मेरठ की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की।


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