- अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर वेंक्टेरश्वरा में ’’वेंक्टेश्वरा मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026’’ का शानदार आयोजन
- शिक्षा, स्वास्थय, चिकित्सा, योग, आध्यात्म, संस्कृति एवं खेल समेत विभिन्न क्षेत्रों में शानदार/ उल्लेखनीय कार्य करने वाली तीन दर्जन नारी शक्ति को ’’वेंक्टेश्वरा मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026’’ देकर किया सम्मानित
- इस मातृशक्ति सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के सभी शीर्ष पदों पर मातृशक्ति ने काम किया एवं इसके साथ ही मातृशक्ति आग्रिम पंक्ति में विराजमान रही, जबकि प्रबंधन प्रशासन के शीर्ष पुरूष अधिकारियों/ कर्मचारियों ने नारी शक्ति वंदन/ सम्मान में पिछली पंक्ति में खड़े होकर महिला सशक्तिकरण की मुहिम सशक्त किया
- देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति एवं प्रदेश के सर्वोच्च पद राज्यपाल पद पर मातृशक्ति का आसीन होना इस बात का परिचायक है कि हमारे भारत में महिलाओं का सम्मान शिखर पर है- सुधीर गिरि, संस्थापक अध्यक्ष, वेंक्टेश्वरा समूह
मेरठ। राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास स्थित वेंक्टेश्वरा संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ’’वेंक्टेश्वरा मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026’’ का शानदार आयोजन किया गया। इस समारोह में मातृशक्ति के सम्मान में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओ ने काव्य पाठ समेत विभिन्न शानदार प्रस्तुतियाँ देकर इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली तीन दर्जन महिलाओं को पटका, पगड़ी एवं स्मृति चिन्ह देकर ’’वेंक्टेश्वरा मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026’’ से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजयोग एवं आध्यात्म के क्षेत्र में मातृशक्ति द्वारा नियंत्रित एवं शक्ति विश्व की सबसे बड़ी संस्था ब्रहमकुमारी की तीन दर्जन से अधिक बहनों को भी पटका, पगड़ी एवं तुलसी माला देकर सम्मानित किया गया।
वेंक्टेश्वरा संस्थान के डाॅ.सी.वी. रमन सभागार में आयोजित ’’वेंक्टेश्वरा मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026’’ का शुभारम्भ संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डाॅ.राजीव त्यागी, विख्यात साहित्यकार एवं कवियत्री व वेंक्टेश्वरा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डाॅ. मधु चतुर्वेदी, प्रभारी कुलपति युवराज सिंह, बी.के. विमल देवी आदि ने सरस्वती माँ की प्रतिमा के सन्मुख दीप प्रज्जवति करके किया।
अपने सम्बोधन में वेंक्टेश्वरा समूह के संस्थापक अध्यक्ष सुधीर गिरि ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक राष्ट्रपति पद पर महामहिम द्रापदी मुर्मू एवं उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद पर आदरणीया महामहिम आनंदी बेन पटेल का आसीन होना इस बात का परिचायक है कि आज भारत में महिलायें शिखर पर स्थापित है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की ’’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ-बेटी खिलाओ’’ एवं ’’नारी वंदन’’ जैसी शानदार योजनाओं से देश में मातृशक्ति का सम्मान बढ़ा है। प्रतिकुलाधिपति डाॅ0 राजीव त्यागी ने कहा कि सदियो से ही भारत में मातृशक्ति का वंदन होता रहा है एवं मातृशक्ति हमेशा वंदनीय रहेगी।
कार्यक्रम में सम्मानित होने वाली शीर्ष महिलाओ में विख्यात डॉ साहित्यकार एवं महाकवियत्री डाॅ. मधु चतुर्वेदी, ब्रहमकुमारी पश्चिमी यूपी की बी.के. विमल दीदी, बी.के. निर्दोष दीदी, बी.के. रचना दीदी, मानविकी से डाॅ. स्नेहलता गोस्वामी, पैरामेडिकल क्षेत्र से डाॅ. रीना जोशी एवं दीक्षा, नर्सिंग से डाॅ. मंजरी राणा, डाॅ. करूणा जोशी, एग्रीकल्चर क्षेत्र से डाॅ. ज्योति सिंह, डाॅ. आशिया वाहिद, रिसर्च से डाॅ. शिल्पा रैना, प्रबन्धन क्षेत्र में डाॅ. अंशु, डाॅ. शहजादी खातून, डाॅ.श्रद्धा पाण्डेय, इन्दुवाला, अनुषा कर्णवाल, हुमा कौसर, निशा, सुमनदीप कौर, शिवानी, अंजलि ठाकुर, एस0एस0 बघेल, डाॅ. अरूण कुमार गोस्वामी, डाॅ. विकास कुमार पाण्डेय, डाॅ. श्रीराम गुप्ता, शक्ति ध्वज, मेरठ परिसर से डाॅ. पंकज कुमार, मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।





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