186 सीम की मदद से चल रहे थे अवैध टेलीफोन एक्सचेंज, छह गिरफ्तार

-पाकिस्तान से लेकर गल्फ कंट्री में कराते थे दूसरों के सिमों पर बात

-दूर संचार से मिले इनपुट पर एटीएस और स्वाट टीम ने बड़ी कार्रवाई की

मेरठ। समर गार्डन कालोनी में अवैध रूप से चल रही टेलीफोन एक्सचेंज का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर 186 सीम, पांच 5 वीओआईपी (गेटवेय) और पांच मोबाइल के अलावा अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी दूसरों के नाम से सिम लेकर एक्सचेंज चल रहा था और पाकिस्तान से लेकर गल्फ कंट्री में यहां के लोगों की बात कराकर आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे।

पुलिस लाइन में सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया,  दूरसंचार निदेशालय से इनपुट मिला था कि वीओआईपी काल को लोकल कॉल में परिवर्तित कर मेरठ से विदेशों में बैठों लोगों से बात कराई जा रही है। इस इनपुट के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी अखिलेश गौड, स्वॉट टीम प्रथम से धर्मेंद्र और एटीएस मेरठ यूनिट के एसआई अमित भाटी को लगाया गया था। जांच के दौरान तीनों टीमों को पता चला था कि समर गार्डन कालोनी क्षेत्र में अवैध रूप टेलीफोन संचालित किया जा रहा। सूचना के आधार तीनों टीमों ने आयशा मस्जिद के पास 25 फुटा रोड समर गार्डन में एक घर में छापेमारी कर वहां से अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित कर रहे छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस ने आरोपियों के पास से 186 सीम, पांच 5 वीओआईपी (गेटवेय), पांच मोबाइल, दो वाई-फाई एयरटेल,दो एक्सट्रीम एयर फाइबर,सात इथरनेट केबल, नौ एडॉप्टर/चार्जर, 32 एक्सटर्नल एंटीना, तीन लैपटॉप, दो पावर केबल आदि सामान बरामद किया। एसएसपी ने पकड़े गए आरोपियों के नाम फरदीन निवासी जाकिर कालोनी, नाजिम उर्फ फुरकान निवासी भारत गैस गोदाम के पास, हूमायुंनगर, फहीम निवासी समर गार्डन कालोनी, एकमीनारा मस्जिद के पास, सुल्तान निवासी 60 फुटा रोड समर गार्डन कालोनी, शादाब व रहीस निवासीगण 25 फुटा रोड, समर गार्डन बताए हैं।

दूसरों के नाम से सिम निकाल कर बेचते देते थे

एसएसपी ने बताया, यह गिरोह काफी शातिर है और पुलिस से बचने के लिए ऐसे लोगों के नाम से सिम खरीद कर ब्लैक में बेच देते थे, जिसका पीड़ित को पता नहीं होता था। उन्होंने बताया,  आरोपी नाजिम, फहीम व सुल्तान भोले-भाले व्यक्तियों को ग्राहक बनाकर सिम विक्रेता फरदीन के पास ले जाते थे और धोखाधड़ी से एक के बजाए अधिक सिम निकलवा लेते थे। इन सिमकार्ड्स को बेचकर आर्थिक लाभ लेकर शादाब व रहीस को बेच देते थे। शादाब व रहीस इन सिमकार्ड्स को वीओआईपी (गेटवेय) मशीन में लगाकर अवैध टेलीफोन एक्सचेंज संचालित करते थे और पाकिस्तान से लेकर गल्फ कंट्री में बैठे लोगों की विदेशी कॉल को लोकल कॉल में बदलकर पहचान छिपाकर आर्थिक लाभ अर्जित करते थे।

सीबीआई ने भी मेरठ में की छापेमारी

दूसरों के नाम से सिम लेकर साइबर अपराध करने वालों की तलाश में शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने मेरठ व नोएडा में छह स्थानों पर दबिश दी और दो लोगों को पकड़ कर ले गई है। सीबीआई को जानकारी मिली थी कि सिम बॉक्स तकनीक के माध्यम से बड़े पैमाने पर साइबर ठगी की जा रही है। सीबीआई को जांच में पता चला था कि आरोपियों ने साइबर ठगी के लिए जनवरी 2025 में एक कंपनी का गठन किया था और कर्मचारियों के नाम पर 108 सिम कार्ड लिए थे। जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि इन नंबरों का उपयोग कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करके कॉल करने के लिए किया गया था। इसी आधार पर सीबीआई की टीम में नोएडा और मेरठ में छह स्थानों पर दबिश दी थी और मेरठ से दो आरोपियों को पकड़ कर ले गई है।

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