जयन्त चौधरी ने नई दिल्ली में अमेज़न की एआई स्किल्स वैन को हरी झंडी दिखाई

मेरठ : भारत के कौशल विकास के विज़न और एआई एजुकेशन तक सभी की पहुँच बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धिता को मज़बूत करते हुए, अमेज़न ने अपनी “थिंक बिग” पहल के तहत दो एआई स्किल्स वैन को रवाना किया। इन वैन्स को नई दिल्ली में कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर अमेज़न के चीफ ग्लोबल अफेयर्स और लीगल ऑफिसर डेविड ज़ापोल्स्की भी मौजूद थे।

इस अवसर पर बोलते हुए, माननीय मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने कहा, “भारत की कौशल यात्रा इस विश्वास पर आधारित है कि प्रत्येक युवा शिक्षार्थी को अपने भविष्य को आकार देने के लिए आवश्यक साधन और अवसर मिलें। एआई स्किल्स वैन इस विज़न का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो बेसिक एआई और क्लाउड एजुकेशन को सीधे छात्रों तक पहुंचाता है। यह उत्साहजनक है कि अमेज़न जैसे इंडस्ट्री लीडर्स न केवल ऐसी पहलों के ज़रिए, बल्कि भारत के डिजिटल और इनोवेशन इकोसिस्टम में अपने लंबे समय के इन्वेस्टमेंट के ज़रिए भी राष्ट्रीय कौशल प्राथमिकताओं को पूरा कर रहे | ”

अमेज़न के चीफ़ ग्लोबल अफ़ेयर्स और लीगल ऑफ़िसर, डेविड ज़ापोल्स्की ने कहा, “बड़े पैमाने पर समुदायों के लिए डिजिटल इंफ़्रास्ट्रक्चर बनाने और स्किलिंग की पहल में भारत की लीडरशिप, इनोवेटर्स की अगली पीढ़ी के लिए बहुत अच्छे अवसर बना रही है। एआई को शामिल करने के सरकार के विज़न को सपोर्ट करते हुए, हमने 2030 तक 4 मिलियन (40 लाख) सरकारी स्कूल के छात्रों तक एआई शिक्षा पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई है। एआई स्किल्स वैन्स जैसी पहलों के ज़रिए, हमारा मकसद स्टूडेंट लर्निंग को टीचर कैपेसिटी बिल्डिंग के साथ जोड़ना है।”

मोबाइल एआई स्किल्स वैन को दिल्ली/एनसीआर और हरियाणा में तैनात किया जाएगा, जिससे सरकारी स्कूलों में नई टेक्नोलॉजी एजुकेशन तक पहुंच की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। हर वैन एक पूरी तरह से तैयार मोबाइल लर्निंग इकोसिस्टम की तरह काम करती है, जो इंटरैक्टिव, करिकुलम के हिसाब से मॉड्यूल प्रदान करती है। ये मॉड्यूल छात्रों को क्लाउड टेक्नोलॉजी, एआई फंडामेंटल्स, कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और एथिकल एआई प्रिंसिपल्स से परिचित कराते हैं, जो फॉर्मल साइंस और टेक्नोलॉजी एजुकेशन को पूरक बनाते हैं।

लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन के साथ पार्टनरशिप में लागू की गई यह पहल, अमेज़न के ग्लोबल थिंक बिग स्पेसेस प्रोग्राम पर आधारित है, जो कई देशों में टेक्नोलॉजी लैब्स, स्कूल लर्निंग कॉर्नर और मोबाइल इनोवेशन वैन के ज़रिए प्रैक्टिकल लर्निंग देता है।

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