आईटीआई एक्टिविस्ट व आवास विकास के अधिकारियो के खिलाफ व्यापारियों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग
व्यापारी बोले- सुप्रीम कोर्ट को किया गुमराह
मेरठ। सेंट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण के प्रकरण में आवास विकास परिषद के अधिकारियों और आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर शुक्रवार को व्यापारियों ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता एवं लोकेश खुराना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे व्यापरियों का आरोप था कि आईटीआई एक्टिविस्ट व आवास के अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया है। संबंधित अधिकारियों ने व्यापारियों का आधिकारिक उत्पीड़न किया है और सरकार की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट को गुमराह कर आदेश प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 23 फरवरी को साक्ष्यों के साथ विधिक नोटिस भी प्रेषित किया गया।इसके साथ ही 24 फरवरी 2018 को फेस-रिलेटेड शो कॉज नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आज तक उसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। व्यापारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब न देकर संबंधित अधिकारी अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार करने के समान स्थिति में हैं।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार कोर्ट को गुमराह कर नोटिस दिलवाने से व्यापारियों को आर्थिक, मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं।
व्यापारियों ने एसएसपी से निष्पक्ष जांच कर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और उच्चतम न्यायालय के समक्ष वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।


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