अधिवक्ताओं ने की हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग
कहा-प्रतिनिधिमंडल पीएम से मिलेगा, लोगों को न्याय मिलने में हो रही देर
मेरठ। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरठ आगमन पर हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं मिला, तो वे जबरन उनके कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग कई वर्षों से लंबित है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक प्रभाव के कारण यह मांग पूरी नहीं हो पा रही है। उनका दावा है कि इससे पश्चिमी यूपी के लोगों को महंगा और दुर्गम न्याय मिल रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 22 जनवरी को मेरठ आगमन प्रस्तावित है। हाईकोर्ट बेंच मिशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के लिए सस्ती और सुलभ न्याय व्यवस्था हेतु हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की अनुमति मांगी है।
अधिवक्ताओं ने अपनी मांग के समर्थन में तर्क दिया कि केंद्र और राज्य सरकारों की प्राथमिकता सस्ता और सुलभ न्याय प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में कुछ माह पूर्व चौथी हाईकोर्ट बेंच की घोषणा की गई, जबकि उत्तर प्रदेश क्षेत्रफल और जनसंख्या में काफी बड़ा होने के बावजूद केवल एक बेंच लखनऊ में है।
लखनऊ बेंच मेरठ से लगभग 750 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस लंबी दूरी के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवासी धन और समय के अभाव में न्याय से वंचित रह जाते हैं। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री से इस गंभीर मुद्दे पर विचार करने और प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की अनुमति देने का अनुरोध किया है।


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