मेरठ मेट्रो और नमो भारत साथ-साथ, लेकिन स्टॉपेज अलग
सफर से पहले मरून-हरी पट्टी से पहचानें, गलत ट्रेन में बैठे तो छूट जाएंगे कई स्टेशन
मेरठ। शहर में एक ही ट्रैक पर दो तरह की ट्रेनें चल रही हैं—मेरठ मेट्रो और नमो भारत (रैपिड रेल)। दोनों का रूट अलग-अलग है और रुकने के स्टेशन भी अलग हैं। इसलिए चढ़ने से पहले ट्रेन की पहचान जरूरी है।
अगर आपको शहर के अंदरू के स्टेशन जैसे मेरठ उत्तर, दौरली, एमईएस कॉलोनी, भैंसाली, मेरठ सेंट्रल, ब्रह्मपुरी, रिठानी और परतापुर—पर उतरना है तो मेरठ मेट्रो में ही सफर करें। नमो भारत इन स्टेशनों पर नहीं रुकती। यह सिर्फ बड़े स्टेशनों जैसे मोदीपुरम, बेगमपुल, शताब्दीनगर और मेरठ साउथ पर ही ठहरती है। गलत ट्रेन में बैठ गए तो छोटे स्टेशन निकल जाएंगे।
20 मिनट का नियम जान लें
मेट्रो प्रशासन ने 20 मिनट का नियम लागू किया है। अगर आप किसी स्टेशन से एंट्री कर 20 मिनट के अंदर बिना यात्रा किए उसी स्टेशन से बाहर निकलते हैं, तो भी न्यूनतम किराया कटेगा। यह नियम प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए बनाया गया है।
ऐसे करें पहचान
• रंग से पहचानें: नमो भारत ट्रेन पर मरून पट्टी है, जबकि मेरठ मेट्रो पर हरी पट्टी।
• कोच देखें: मेरठ मेट्रो में 3 कोच हैं, नमो भारत में 6 कोच।
• स्टॉपेज समझें: दिल्ली की ओर जाना हो तो नमो भारत बेहतर विकल्प है, शहर के अंदर सफर के लिए मेरठ मेट्रो सही है।
भीड़ से बचने का तरीका
टिकट काउंटर की लाइन से बचना है तो आरआरटीएस कनेक्ट ऐप का इस्तेमाल करें या अपना कार्ड पहले से रिचार्ज रखें। सफर से पहले डिस्प्ले बोर्ड देखें और अनाउंसमेंट ध्यान से सुनें, ताकि आपकी यात्रा आसान और बिना परेशानी के पूरी हो।


No comments:
Post a Comment