चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामला में दोषी जेई और उसकी पत्नी को फांसी की सजा

सीबीआई दिल्ली की ओर से वर्ष 2020 में दर्ज कराई गई थी एफआईआर

बांदा। नाबालिग बच्चों से यौन शोषण कर पोर्नोग्राफी के मामले में बांदा की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने चित्रकूट के सिंचाई विभाग के निलंबित जेई व उसकी पत्नी को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की टीम भी कोर्ट में मौजूद रही।

शासकीय अधिवक्ता सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में आरोपी रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर 2020 को सीबीआई दिल्ली की ओर से एक एफआईआर पंजीकृत कराई गई थी।

आरोप था कि एक व्यक्ति और उसकी पत्नी राम भवन और दुर्गावती जो चित्रकूट में किराए के कमरे में रहते थे। आरोप था कि करीब 33 से 34 बच्चे जिनकी उम्र 3 साल से लेकर 18 साल तक थी. उनके साथ यौन शोषण के वीडियो 47 देशों में भेजे गए थे। करीब दो लाख से ज्यादा वीडियो थे. सीबीआई ने जो जांच की उसमें उसमें दो लाख से ज्यादा वीडियो मिले।

उन्होंने बताया कि यह कृत्य रामभवन के द्वारा 10 साल से लगातार किया जा रहा था।सीबीआई ने इस मामले की जांच की. इसका अभियोजन पूरा सीबीआई के द्वारा किया गया। जिसमें कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है।

सीबीआई की ओर से विशेष अभियोजक धारा सिंह के द्वारा अभियोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि पीड़ित 34 बच्चों को देने के लिए 10-10 लाख जुर्माना लगाया है. रामभवन के घर से करीब 8 लाख से रुपये से ज्यादा बरामद हुए थे, वह भी बच्चों को ही दिया जाएगा.

सीबीआई को मिली थीं 2 लाख वीडियो व फोटो 

 सीबीआई जब इस पूरे मामले की जांच कर रही थी तो सीबीआई को 2 लाख वीडियो व फोटो 47 देशों की अलग-अलग वेबसाइटों पर मिली। जिनको आरोपी रामभवन के द्वारा अपलोड किया गया था। जिनको साक्ष्य के रूप में कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था. साथ ही 34 नाबालिक बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए थे।

सीबीआई की जांच में यह भी बात सामने निकल कर आई थी कि मूलरूप से बांदा के नरैनी इलाके के रहने वाले आरोपी दंपती ने चित्रकूट में किराए पर घर ले रखा था। इनके द्वारा डार्क वेब के जरिए पोर्न साइटों में अपलोड किया जाता था।

सीबीआई ने रामभवन को किया था गिरफ्तार : पूरा मामला साल 2020 का है। सीबीआई ने रामभवन को गिरफ्तार किया था। वहीं साक्ष्य संकलन के दौरान सीबीआई को रामभवन की पत्नी दुर्गावती की भी संलिप्तता मिली थी। जिसके बाद दुर्गावती को भी गिरफ्तार किया गया और दोनों को बांदा जेल में निरुद्ध किया गया था।

पिछले 5 साल से अधिक की अवधि में इस मामले की कई बार सुनवाई हुई और आरोपियों से पूछताछ हुई और साक्ष्य संकलित किए गए। जिसमें दोष सिद्ध हो जाने पर शुक्रवार को बांदा की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी दंपति को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

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