ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का षड़यंत्र घूसखोर पंडित -सुनील भराला

 कुछ लोग मुगल काल से समाज को तोड़ने की साजिश में लिप्त

 मेरठ।  फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर लगातार हिंदु संगछन और ब्राह्मण समाज के लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मेरठ के भाजपा नेता सुनील भराला ने भारत सरकार का जो टेक्नोलॉजी और सेंसर बोर्ड का कार्यभार संभालने वाले अश्विनी वैष्णव को भी पत्राचार कर नाम बदलने की मांग की जिसके बाद देर रात नाम में बदलाव भी कर दिया गया।

घूसखोर पंडित वेब सीरीज के माध्यम से हमारे पूरे ब्राह्मण समाज को बदनाम करने का षड्यंत्र किया गया है ,इस से निंदनीय कुछ नहीं हो सकता है कि एक सभ्य वर्ग के नाम पर ऐसा किया जाए। हमने अश्विनी वैष्णव से भी मांग की है कि मुगल काल से ही समाज को जाति को धर्म को बदनाम करने कीने वाले लोगों को इस बार कामयाब नहीं होने दिया जाए। घूसखोर पंडत भी उसी वर्ग का हिस्सा है जो समाज को धर्म, जाति के नाम पर तोड़ने का काम कर रही है। इसी क्रम में यह घोषकर पंडित पूरे ब्राह्मण समाज को सम्मानित करने का काम किया गया है लेकिन वह लोग यह भूल गए कि अब पुरानी सरकार नहीं है अब उन्हें याद रखना चाहिए कि किसी भी जाति के खिलाफ या उसके खिलाफ षड्यंत्र रचना जनता और सरकार कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

कल जाट गुंडा और ठाकुर गद्दार वाली सीरिज लाएंगे 

उन्होने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ अगर पहली बार में ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो इनके होंसले बुलंद हो जाएंगे। आज जिस प्रकार घूसखोर पंडित हमारे ब्राह्मण समाज को बदनाम कर रहा है वैसे ही यह लोग कल को ठाकुर को गद्दार , वैश्य को भ्रष्ट और जाट को गुंडा कहने वाली सीरिज लाई जाएंगी। इस प्रकार की फिल्में बनाने का जो रिवाज चल रहा है यह सीधे तौर पर धर्म पर हमला करने का रिवाज है। इसे तत्काल बंद करना चाहिए और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

हाईकोर्ट तक लेकर जाएंगे मुद्दा

हम अश्विनी वैष्णव का तो आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारी मांग को लेकर इस आपत्तिजनक शीर्षक को बदलने का निर्णय लिया है। इसके बाद हम चुप नहीं बैठने वाले हैं हमने इस प्रकरण पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी शुरू कर चुके हैं, इसके साथ ही हाई कोर्ट में भी इस मुद्दे को लेकर जाएंगे ताकि ऐसा करने वालों के लिए कार्रवाई नजीर बन सके।

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