नार्थ ज़ोन इंटर-यूनिवर्सिटी शतरंज चैंपियनशिप का दिल्ली बना विजेता
- महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी रोहतक ने प्रथम रनर-अप और सीसीएसयू मेरठ ने द्वितीय रनर-अप स्थान प्राप्त किया
आईआईएमटी विश्वविद्यालय में नार्थ ज़ोन इंटर-यूनिवर्सिटी शतरंज चैंपियनशिप का भव्य समापन
- निरंतर प्रयास और खेल भावना का प्रदर्शन करना है वास्तविक उपलब्धि- कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय में आयोजित की जा रही नॉर्थ ज़ोन इंटर-यूनिवर्सिटी शतरंज चैंपियनशिप (पुरुष और महिला) में शुक्रवार को पुरुष वर्ग की प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले हुए। यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली, दिल्ली के खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए विजेता ट्रॉफी पर कब्जा किया। महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक ने प्रथम रनर-अप और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ ने द्वितीय रनर-अप स्थान प्राप्त किया। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ प्रतियोगिता में चौथे स्थान पर रही। उपरोक्त चारों विश्वविद्यालयों की टीमें अब ऑल इंडिया इंटर ज़ोनल इंटर यूनिवर्सिटी चेस चैंपियनशिप 2025-26 में नॉर्थ ज़ोन का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह उपलब्धि न केवल संबंधित विश्वविद्यालयों बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय में नॉर्थ ज़ोन इंटर यूनिवर्सिटी चेस चैंपियनशिप (पुरुष और महिला)2025-26 का आयोजन उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उत्तर क्षेत्र की अग्रणी विश्वविद्यालयों ने भाग लिया और उच्च स्तरीय रणनीति, धैर्य तथा खेल कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खेलते हुए दर्शकों और विशेषज्ञों को प्रभावित किया। विजेता टीम ने पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता और सटीक रणनीति का परिचय देते हुए खिताब अपने नाम किया। प्रथम एवं द्वितीय रनर-अप टीमों ने भी कड़ा मुकाबला प्रस्तुत किया और कई मुकाबले अंतिम चाल तक रोमांचक बने रहे।
चैंपियनशिप का भव्य समापन समारोह, उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति योगेश मोहनजी गुप्ता ने कहा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि रणनीति, धैर्य, अनुशासन और दूरदर्शिता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और मानसिक संतुलन को विकसित करती हैं। उन्होंने अनुशासन के साथ चैंपियनशिप में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन वास्तविक उपलब्धि निरंतर प्रयास और खेल भावना का प्रदर्शन करना है। उन्होंने विजेता एवं चयनित टीमों को ऑल इंडिया स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ0 दीपा शर्मा ने कहा की इस प्रकार के सुव्यवस्थित और उच्च स्तरीय आयोजन विश्वविद्यालयों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं। चैंपियनशिप की आर्ब्जवर जे.नवीना लव्णया लता ने गरिमा, अनुशासन और कुशल प्रबंधन के साथ चैंपियनशिप का आयोजन करने के लिए आयोजकों को बधाई दी।
समारोह के अंत में विजेता एवं अन्य शीर्ष टीमों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। खिलाड़ियों, कोचों एवं अधिकारियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
शारीरिक शिक्षा विभाग के डीन डॉ0 वी.एस.पटियाल ने सभी विजेता एवं प्रतिभागी टीमों, कोचों, मैनेजरों तथा तकनीकी अधिकारियों को बधाई देते हुए बताया की ऑल इंडिया इंटर ज़ोनल इंटर यूनिवर्सिटी वूमन चेस चैंपियनशिप 2025-26 का आयोजन भी आईआईएमटी विश्वविद्यालय में किया जाएगा।
डीन महोदय ने आशा व्यक्त की कि नॉर्थ ज़ोन की टीमें राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहराएँगी।
आयोजन में निदेशक प्रशासन डॉ0 संदीप कुमार, डीन एक्टिवीटिज डॉ. लखविंदर सिंह और शारीरिक शिक्षा विभाग के स्पोर्ट्स ऑफिसर राहुल कुमार, प्रणव दिनकर, अंशी शर्मा, पूजा रानी, ज्योति तालियान एवं संकाय सदस्य एवं कर्मी डॉ दिवेश, डॉ0 विजय, डॉ0 दीपशिखा, डॉ रोहित चौहान, डॉ शुभम, डॉ पूनम, प्रगति राठी, इशु यादव, आदित्य, शिवानी तथा विनीत, शशांक, शुभम, सिद्वार्थ, अंजु शर्मा, पुष्पा और मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा का सहयोग रहा।


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