मेरठ में रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास का बदलेगा स्वरूप- संजय मीणा
मेट्रो शहरों की तर्ज पर विकसित होंगी सुविधाएं
आसान होगी स्कूल ओर कॉलेज जाने की राह
मेरठ। आगामी 22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की पहली सेमी हाईस्पीड रैपिड रेल नमो भारत का शुभारंभ करने वाले है। जहां एक ओर स्कूल व कॉलेज जाने वालों की राह आसानी होगी वही दिल्ली जाने वालें यात्रियों को सुखद सफर करने का अनुभव मिलेगा। मेट्रो व नमो भारत से मोदीपुरम तक संचालन से विकास काे गति मिलेगी यह बाते मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीणा ने कही।
मेडा के वीसी ने बताया मेट्रो का संचालन दिल्ली के सराय काले खां से मोदीपुरम तक संचालन होने से क्षेत्र में न केवल आवासीय, कॉमर्शियल गतिविधियां कर सकेंगे बल्कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रिजॉर्ट समेत कई कॉम्पलेक्स भी बनेंगे। बाद दिल्ली-रुड़की रोड की रंगत निश्चित तौर पर बदल जाएगी। इससे आने वाले वाले समय में रैपिड और मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ और रैपिड मेट्रो स्टेशनों के आसपास मेरठ भी गुरुग्राम और नोएडा की तर्ज पर विकासित होगा।
उन्होंने बताया में मोदीपुरम से मेरठ दक्षिण तक नमो भारत व मेट्रो के बीच कृषि विवि , शोभित विवि मोदीपुरम स्टेशन पर पडेंगे। जबकि मेरठ मोदीपुरम नार्थ स्टेशन पर दयावती मोदी एकाडेमी आईपीएस स्कूल एमईएस स्टेशन के आसपास सेंट मरीज एकेडमी , दीन दयाल उपाध्याय शिक्षण संस्थान, केन्द्रीय विद्यालय डोगरा लाइन, बेगम पुल स्टेशन पर सोफिया, सेंट जा़ॅस सीनियर सकेंडरी स्कूल ,सेंट मैरी , नेशनल कॉलेज,एसएसडी ब्वायज इंटर काॅलेज, सेंट जोजफ, जीआईसी भैंसाली स्टेशन के आसपास सीएबी इंटर कॉलेज ्र दीवान, सनातन धर्म, एमपीएस ,जीटीबी, खालसा आदि स्कूल पडेंगे। मेरठ सैट्रल स्टेशन के पास त्रिशला देवी कनोहर लाल इंटर कॉलेज, कनोहर लाल महिला पीजी काॅलेज, सरदार पटेल , ब्रहम्पुरी स्टेशन के पास शहीद मंगल पांडे कन्या पीजी कालेज आदि स्कूल पडे़गे काफी संख्या में छात्र छात्राएं काफी दूरी से शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते है अब उन्हें काफी आसानी होगी ।
क्या है ट्रांजिट ऑरिएंटेड डेवपलपमेंट नीति
ट्रांजिट ऑरिएंटेड डेवपलपमेंट नीति सावर्जनिक परिवहन प्रणालियों जैसे रैपिड और मेट्रो रेल नेटवर्क के आसपास होने वाले निर्माण पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य मुख्य रूप से एक ही जगह को अलग-अलग उद्देश्य के लिए विकसित करना है. इससे पैदल चलना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना आसान हो जाएगा।इस नीति के तहत बनने वाले जोन में आवासीय से लेकर व्यावसायिक, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और कार्यालय आदि शामिल होते हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने बताया कि रैपिड रेल कॉरिडोर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस बनाने के लिए एनसीआरटीसी द्वारा जोनल प्लान बनाया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई ट्रांजिट ऑरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत यह प्लान बना है।
रैपिड रेल जोनल प्लान के 9 जोन
1. एसडीए मेरठ साउथ- 296.14 हेक्टेयर
2. एसडीए मोदीपुरम 456.70 हेक्टेयर
3. टीओडी जोन-1 में 279.37 हेक्टेयर
4. टीओडी जोन-2 में 315.38 हेक्टेयर
5. टीओडी जोन-3 में 395.80 हेक्टेयर
6..टीओडी जोन-4 में 412.16 हेक्टेयर
7. टीओडी जोन-5 में 346.55 हेक्टेयर
8. टीओडी जोन-6 में 556.32 हेक्टेयर
9. टीओडी जोन-7 में 219.42 हेक्टेयर
यह सुविधाएं मिलेंगी:
रैपिड रेल कॉरिडोर के आसपास आने वाले समय में आवासीय और कॉमर्शियल बहुमंजिला इमारतें होंगी। इंटरनेशनल बोर्डिंग स्कूल से लेकर अस्पताल, रिजॉर्ट, क्लब, आईटी सेक्टर, कंपनियों के ऑफिस आदि भी होंगे। वहीं वेलनेस हब, डाटा सेंटर, एम्यूजमेंट पार्क भी विकसित किए जाएंगे।



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