रील्स के चक्कर में रियलिटी भूले युवा
विराट हिन्दू सम्मेलन में दाती महाराज ने कहा- बच्चों को बर्बाद कर रहा मोबाइल
मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में केशव नगर स्थित हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा 3 फरवरी को विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर दाती महाराज रहे, जबकि मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक विनीत कौशल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी का तिलक कर, पटका पहनाकर व मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। सम्मेलन में बच्चों ने सांस्कृतिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर मौजूद लोग भाव-विभोर हो गए। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते रहे। साथ ही कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
शॉल ओढ़ाकर और पौधा भेंट कर सम्मानित किया
सम्मेलन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज और फिर राष्ट्र निर्माण का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक निर्णयों में भी संघ की विचारधारा और संघर्ष का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर दाती महाराज और मुख्य वक्ता विनीत कौशल को शॉल ओढ़ाकर और पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में दाती महाराज ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि देश और संस्कृति को मजबूत करने के लिए सभी को आगे आकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रप्रेम ही सबसे बड़ा प्रेम है और जो व्यक्ति राष्ट्र से प्रेम करता है, वह संघ की भावना को भी समझता है।
हम राजनीति नहीं करते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए दाती महाराज ने कहा कि वे राजनीति नहीं करते, लेकिन प्रधानमंत्री की बात इसलिए सुनते हैं, क्योंकि वे भारत राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर विश्व में युद्ध की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी देश के विकास के लिए समाधान निकाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सनातन की आत्मा है। दाती महाराज ने विश्वास जताया कि 2032 तक सनातन धर्म और अधिक ऊंचाइयों पर पहुंचेगा, बशर्ते सभी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने मेरठ को क्रांतिकारियों और संतों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां का हर व्यक्ति राष्ट्र के लिए समर्पित है।
रील के चक्कर में हम रियलिटी से दूर हो रहे
दाती महाराज ने राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को अहम बताते हुए माताओं से बच्चों को अच्छे संस्कार देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज रील के चक्कर में हम रियलिटी से दूर हो रहे हैं। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि संभव हो तो बच्चों को कक्षा 12 तक मोबाइल फोन से दूर रखें, क्योंकि इसका गलत प्रभाव उनके भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है।
मुख्य वक्ता विनीत कौशल ने अपने संबोधन में संघ के 100 वर्षों के संघर्ष और सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ ने निरंतर समाज और राष्ट्रहित में कार्य किया है और आगे भी करता रहेगा।


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