ज़ीस्केलर और भारती एयरटेल ने देश में साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद AI को बढ़ावा देने के लिए AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर शुरू करने की घोषणा की
मेरठ : क्लाउड सुरक्षा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ज़ीस्केलर इंकं ने भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों में से एक भारती एयरटेल ;एयरटेल के साथ मिलकर आज AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर इंडिया के शुरुआत की घोषणा की है। यह एक साझा डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है। यह दूरसंचार बैंकिंग और ऊर्जा जैसे देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों उद्योगों और प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की रक्षा करने पर केंद्रित है। साथ ही यह डिजिटल उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने और भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल वातावरण में भरोसेमंद AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी समर्पित है।
भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा एयरटेल में हमारी प्रतिबद्धता अपने ग्राहकों और देश के डिजिटल ढांचे की सुरक्षा को लेकर रही है। ज़ीस्केलर के साथ यह साझेदारी उसी प्रतिबद्धता का विस्तार है जिसमें हम अपनी ।प् क्षमता और व्यापक पैमाने का उपयोग कर देश के बढ़ते डिजिटल तंत्र की रक्षा करेंगे। हम अपने बाजार से जुड़ी खास चुनौतियों पर ध्यान देंगे ताकि एक अधिक सुरक्षित और मजबूत डिजिटल भारत बनाया जा सके जहां हर नागरिक और हर संस्थान भरोसे के साथ जुड़ सके और आगे बढ़ सके। हमारे शोध आधारित रोकथाम तंत्र से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शांतिपूर्ण और सुरक्षित संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा।
ज़ीस्केलर के सीईओ चेयरमैन और संस्थापक जय चौधरी ने कहा भारत ऐसी आबादी के स्तर पर डिजिटल सिस्टम बना रहा है , जिसकी तुलना कहीं और नहीं है। इतने बड़े लक्ष्य को पुराने फायरवॉल और वीपीएन के माध्यम से सुरक्षित नहीं किया जा सकता , क्योंकि इन्हें हाइपर कनेक्टेड दुनिया के लिए नहीं बनाया गया था। इसके लिए ऐसी आधुनिक जीरो ट्रस्ट संरचना चाहिए , जो शुरुआत से ही सुरक्षित हो
संस्थापक सदस्यों के रूप में ज़ीस्केलर और एयरटेल ज़ीस्केलर की अंतर्राष्ट्रीय जानकारी और एयरटेल की स्थानीय संचालन क्षमता को मिलाकर भारत में शोध से प्रतिक्रिया तक की प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत और तेज बनाएंगे। ज़ीस्केलर भारत पर केंद्रित एक विशेष थ्रेट रिसर्च टीम तैनात करेगा। यह टीम ज़ीस्केलर जीरो ट्रस्ट एक्सचेंजन्न् प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगीए जो हर दिन 500 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन को प्रोसेस करती है ताकि खतरे से जुड़ी जानकारी हासिल कर भारत के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा सके। एयरटेल आईओटी और मोबाइल ट्रैफिक पर अपनी गहरी पकड़ की विशेषज्ञता साझा करेगा जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तेजी से पहचान हो सकेगी और इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ ज्यादा प्रभावी तालमेल बन सकेगा। आगे चलकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं को भी इस केंद्र से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।


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