आईआईएफएल फाईनेंस ने 9 प्रतिशत सालाना रिटर्न के साथ 2000 करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए
मेरठ : देश की प्रमुख नॉन.बैंकिंग फाईनेंशियल कंपनियों ( एनबीएफसी ) में से एक , आईआईएफएल फाईनेंस लिमिटेड ने रिडीमेबल नॉन.कन्वर्टिबल डिबेंचर ( एनसीडी ) के पब्लिक इश्यू जारी किए हैं , जो मंगलवार 17 फरवरी 2026 से मिलना शुरू होंगे। इनका इश्यू साईज़ 500 करोड़ रुपये है , और 1500 करोड़ रुपये तक का ओवर सब्सक्रिप्शन बनाए रखने के लिए ग्रीन.शू विकल्प है।इस प्रकार कुल इश्यू साईज़ 2000 करोड़ रुपये का होगा। इस फंड का उद्देश्य कंपनी के व्यवसाय में वृद्धि करना और पूंजी बढ़ाना है।
निर्मल जैन , फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर , आईआईएफएल फाईनेंस ने कहा कि , आईआईएफएल फाईनेंस भारत के प्रमुख एनबीएफसी में से एक है। यह पूरे देश में मजबूत स्थिति रखता है। इसका डाईवर्सिफाईड रिटेल पोर्टफोलियो 4 . 6 मिलियन से अधिक वंचित ग्राहकों को क्रेडिट प्रदान करता है। इस प्रस्तावित फंड के माध्यम से हम क्रेडिट की उपलब्धता और अधिक बढ़ाएंगे तथा अपने फंडिंग स्रोतों का विस्तार करेंगे। पिछले कुछ सालों में आईआईएफएल फाईनेंस ने बॉन्ड के मा ध्यम से फंड एकत्रित करने का एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है तथा मूल राशि एवं ब्याज का समय पर भुगतान किया है।
इस एनसीडी द्वारा 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष तक का प्रभावी रिटर्न मिलेगा और यह 24 महीनों , 36 महीनों और 60 महीनों की अवधियों के लिए उपलब्ध होगा। ब्याज का पे.आउट मासिक , वार्षिक या मैच्योरिटी के बाद लिया जा सकता है।
इस इश्यू को क्राईसिल रेटिंग्स ने क्राईसिल एए / स्टेबल रेटिंग दी है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स द्वारा इसे बीडब्लूआर एए़ प्लस ( स्टेबल ) रेटिंग दी गई है , जिससे प्रदर्शित होता है कि इनमें बहुत कम क्रेडिट रिस्क है और ये फाईनेंशियल दायित्वों को समय पर पूरा करने के लिए बहुत ज्यादा सुरक्षित हैं।
31 दिसंबर 2025 को आईआईएफएल फाईनेंस के पास 98.336 करोड़ रुपये के कंसोलिडेटेड लोन एस्सेट्स अंडर मैनेजमेंट ( ए.यू. एम ) थे। कंपनी लगातार मजबूत एस्सेट क्वालिटी बनाकर रखती है। 31 दिसंबर 2025 को कंपनी की कंसोलिडेटेड लोन बुक के प्रतिशत हिस्से में कंपनी के पास 1.60 प्रतिशत ग्रॉस नॉन.परफॉर्मिंग एस्सेट ( एनपीए ) और 0.75 प्रतिशत नेट एनपीए हैं। इसके अलावा , 31 दिसंबर , 2025 को कंपनी की 83.61 प्रतिशत कंसोलिडेटेड लोन बुक को पर्याप्त कोलेटरल द्वारा सुरक्षित कर लिया गया था , ताकि जोखिम और कम हो जाए।
वित्तवर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में आईआईएफएल फाईनेंस ने 501.3 करोड़ रुपये का प्रॉफिटआफ्टर टैक्स ( पीएटी ) दर्ज किया , जो सालाना 514 प्रतिशत अधिक है। वहीं वित्तवर्ष 2026 के नौ महीनोंके लिए पीएटी 1193.5 करोड़ रुपये रहा , जो सालाना 265 प्रतिशत अधिक है। विभिन्न बैंकों और फाईनेंशियल संस्थानों के साथ कंपनी के मजबूत संबंध हैं , जिससे फंडिंग की रणनीति में मदद मिलती है।
हर एनसीडी की फेस वैल्यू 1000 रुपयेहोगी। विभिन्न श्रेणियों में निवेशक कम से कम 10000 रुपयेके एप्लिकेशन साईज़ में आवेदन कर सकेंगे। पब्लिक इश्यू अरली क्लोज़र के विकल्प केसाथ मंगलवार 17 फरवरी 2026 को खुलेगाऔर बुधवार 4 मार्च 2026 को बंद होगा।आवंटन पहले आएं , पहले पाएं के आधार पर किया जाएगा।


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