यूपी बजट सत्र 2026-27

 सड़क-सेतु पर 34,468 करोड़ रुपये होंगे खर्च

 महिला-युवा और रोजगार के लिए बजट में ये मिला

लखनऊ । यूपी विधानसभा सत्र शुरू होने के बुधवार को  तीसरे दिन राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश किया।यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम और दसवां बजट है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह वित्त वर्ष 2026 27 के लिए जंबो साइज का ऐतिहासिक बजट रहा।  बजट में उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक के सबसे ज्यादा प्रावधान किए गए हैं।  

पिछली बार के मुकाबले लगभग 80000 करोड़ के अतिरिक्त प्रावधान इस बार किए गए। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लगभग 9.13 लाख करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ सुबह करीब 11:00 बजे सदन पहुंचे और यहां उन्होंने बजट प्रावधानों को पढ़ाना शुरू किया।  बजट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है. जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है।  बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। बजट प्रस्तुत होने के बाद सदन 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। 

शिक्षा-चिकित्सा के लिए आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत

शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है। कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिए आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है। 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हें केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है। इसके क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी। सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋण -जीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी, जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया। 

उन्होंने कहा कि मुझे इस सदन को यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है तथा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है। इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

आवास एवं शहरी नियोजन; 7,705 करोड़ रुपये की व्यवस्था

● आवास एवं शहरी नियोजन हेतु 7,705 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना के अन्तर्गत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष, लखनऊ में 22 वर्षों बाद नयी आवासीय योजना तथा बुन्दलशहर में प्रथम बार औद्योगिक योजना लांच की गई है।

● काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है जिसके अन्तर्गत समाहित जनपदों जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही एवं सोनभद्र का समेकित नियोजित विकास सम्भव हो सकेगा। प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन भी प्रक्रियाधीन है। 

● रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अन्तर्गत दिल्ली-गाजियाबाद- मेरठ नमो भारत ट्रेन का संचालन प्रारम्भ हो चुका है।

● लखनऊ विकास क्षेत्र तथा प्रदेश के अन्य सभी विकास प्राधिकरणों के विकास योजना के अन्तर्गत विभिन्न अवसंरचना कार्यों हेतु 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

● मेरठ, मथुरा-वृन्दावन एवं कानपुर विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास की नई योजना हेतु 750 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● नई योजना-सिटी इकोनॉमिक रीजन हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● अयोध्या के सर्वांगीण विकास हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 25 दिसम्बर, 2025 को किया जा चुका है, राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबन्धन, संचालन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण कोष हेतु कॉर्पस फण्ड हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत; दोगुने से अधिक बजट का प्रस्ताव

● अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत के विकास हेतु लगभग 2,104 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में दोगुने से अधिक है।

● उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022, उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022 एवं उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के अन्तर्गत 5 वर्षों में 22,000 मेगावॉट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

● पी.एम.कुसुम सूर्यघर योजना प्रदेश में सघन रूप से संचालित है, इस हेतु 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● अयोध्या एवं मथुरा सहित 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

● ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक प्रदेश में लगभग 5.20 लाख सोलर स्ट्रीट लाइट संयंत्रों की स्थापना कराई जा चुकी है।

● उत्तर प्रदेश राज्य जैव नीति-2022 के अन्तर्गत प्रदेश में 36 सीबीजी संयंत्रों की स्थापना कराई जा चुकी है, जो देश में सबसे अधिक है। 

● ग्रीन हाईड्रोजन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 प्रख्यापित की गई है, जिसके अन्तर्गत प्रदेश में 2 सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है। 

ऊर्जा क्षेत्र; 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था

● ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिए 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है।

● वर्ष 2025-2026 में माह दिसम्बर, 2025 तक औसत विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र में 19 घण्टे, तहसील मुख्यालय में 21 घण्टे 49 मिनट एवं जनपद मुख्यालय में 24 घण्टे रही है।

● 01 अप्रैल, 2022 से माह दिसम्बर,2025 तक कुल 2,41,088 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किए गए हैं. सामान्य योजना के अन्तर्गत वर्ष 2017-2018 से कुल 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किए गए हैं।

● कृषि कार्य के लिये नलकूप संयोजनों हेतु कृषि फीडर्स के निर्माण की योजना के अन्तर्गत 4,680 फीडरों के लक्ष्य के सापेक्ष 4,048 कृषि फीडरों का निर्माण कराया जा चुका है, जिन पर 10 घण्टे विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है जो कि देश में सर्वाधिक है।

● 01 अप्रैल, 2022 से वर्ष 2025-2026 तक कुल 2,410 नये 33/11केवी विद्युत उपकेन्द्रों का निर्माण एवं क्षमता वृद्धि की गई है. साथ ही 20,924 नये वितरण ट्रांसफॉर्मर्स की स्थापना एवं 85,684 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमतावृद्धि का कार्य किया गया है।

● उत्तर प्रदेश में पारेषण तंत्र की कुल क्षमता जो वर्ष 2016-2017 में 17,890 मेगावॉट थी, उसे 2025-2026 में 82 प्रतिशत बढ़ाकर वर्तमान में 32,500 मेगावॉट किया गया है।

नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति; 22,676 करोड़ की व्यवस्था

● नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान करने के लक्ष्य के सापेक्ष 2.43 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।

● वित्तीय वर्ष 2026-2027 में जल जीवन मिशन के समस्त घटकों हेतु लगभग 22,452 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं. अब तक 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग; 18,290 करोड़ रुपये की व्यवस्था

● सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण योजनाओं के लिए 18,290 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक है। 

● सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा मध्यगंगा स्टेज-2 परियोजना, कनहर सिंचाई परियोजना, केन बेतवा लिंक परियोजना, भौरट बाँध परियोजना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्य प्रगति में है. उपरोक्त परियोजनाओं के पूर्ण होने से 4.49 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित/पुनर्स्थापित होगी।

● 2100 नवीन राजकीय नलकूपों के निर्माण तथा डार्कजोन में स्थित 569 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निमाण का कार्य वर्ष 2025-2026 में पूर्ण कर लिया गया है।

● इन कार्यों से लगभग 1.62 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी तथा लगभग 1.43 लाख कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।

● वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 285 बाढ़ परियोजनायंें पूर्ण की गयी जिनसे 49.90 लाख आबादी लाभान्वित हुई. 11,065 किलोमीटर लम्बाई में ड्रेनों की सफाई करायी गई।

सड़क एवं सेतु; 34,468 करोड़ रुपये प्रस्तावित

● सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रूपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये तथा सड़कों के निर्माण/ चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक; 76 प्रतिशत अधिक बजट की व्यवस्था

● आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिए 2,059 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है।

● एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन का आरम्भ किया जा रहा है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● इण्डिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आईटीआई को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा इण्डिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रुपये की व्यवस्था है।

● साइबर सुरक्षा संचालन केन्द्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है और इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियां एआई प्रशिक्षण में साथ काम कर रही हैं, जिसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

● प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।

● अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किए गए हैं, जिनमें 6 डाटा सेन्टर पार्क्स और 2 डाटा सेन्टर इकाईयां हैं. इससे लगभग 21,342 करोड़ रुपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गई.

खादी एवं ग्रामोद्योग; सरकार ने यह रखा है लक्ष्य

● ‘‘मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना’’ के अन्तर्गत वर्ष 2026-2027 में 800 इकाईयों को 40 करोड़ रुपये बैंक ऋण से नये उद्यम स्थापित कराकर 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।

● पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजनान्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इकाईयों को बैंक ऋण पर ब्याज उपादान की सुविधा हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● कम्बल उत्पादन केन्द्र, खजनी, गोरखपुर के आधुनिकीकरण की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिए 07 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों के चहुँमुखी विकास हेतु संचालित माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम के लिये 13 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग; 5,041 करोड़ रुपये प्रस्तावित

● हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पांच गुने से अधिक है।

●वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है।

● प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पीएम मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना कराई जा रही है।

● पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम; 3,822 करोड़ रुपये की व्यवस्था

● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

● सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है. लगभग 3.11 करोड लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।

● प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लायमेन्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है परन्तु आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया जाएगा।

● मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● ‘‘एक जनपद एक व्यंजन’’ जो एक नई योजना है, के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास; 27,103 करोड़ प्रस्तावित

● अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।

● मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना हेतु 5,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है. इस योजना हेतु 2,374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास हेतु 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश हेतु घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किए गए हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये

● चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।

● जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है।

● राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई, जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं।

● प्रदेश के समस्त जनपदों में दिनाँक 08 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत 03 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलाई गई।

● जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है.

● आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है. योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है।

● एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है।

● राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2,867 करोड़ रुपये की व्यवस्था

● आयुष सेवाओं के लिए लगभग 2,867 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1,585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 08 आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय, 02 यूनानी मेडिकल कॉलेज एवं उससे सम्बद्ध चिकित्सालय तथा 09 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं उनसे सम्बद्ध चिकित्सालय क्रियाशील हैं।

● आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालयों में प्रमाणित एवं गुणकारी औषधियों की आपूर्ति की व्यवस्था हेतु प्रदेश में 02 राजकीय औषधि निर्माणशालाएं लखनऊ एवं पीलीभीत में संचालित हैं, जिनको सुदृढ़ करते हुए इनकी उत्पादन क्षमता में वृद्धि किये जाने का प्रयास किया जा रहा है।

चिकित्सा शिक्षा; 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1023 करोड़ रुपये

● चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

● वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं।

● वर्तमान में 60 जनपद मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं से आच्छादित हैं. 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पीपीपी पद्धति से की जानी है।

● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एमबीबीएस सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी, जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया।

● राजकीय तथा निजी क्षेत्र के चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी, जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया।

● 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन के लिए 1023 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

● असाध्य रोगों के इलाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

बजट की अन्य खास बातें

● वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिये प्रस्तुत बजट का आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये (09 लाख 12 हजार 696 करोड़ 35 लाख रूपये) है, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है. इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है।

● शिक्षा तथा चिकित्सा हेतु आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 प्रतिशत एवं 6 प्रतिशत है. कृषि और सम्बद्ध सेवाओं के लिये आवंटन कुल बजट का 9 प्रतिशत है।

● 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों जिन्हंे केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है, के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-2027 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है, जो वर्ष 2030-2031 तक लागू रहेगी।

● राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन एवं ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है. कार्यभार ग्रहण करने पर वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत की ऋणदृजीएसडीपी कि अर्थव्यवस्था विरासत में मिली थी जिसे हमारी सरकार ने वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत कर दिया था। 

● परंतु, कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व आर्थिक प्रभाव के कारण यह अनुपात बढ़कर वर्ष 2021-22 में 33.4 प्रतिशत हो गया।

वित्त मंत्री ने कहा-मुझे इस सदन को यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि सुनियोजित राजकोषीय प्रबन्धन के परिणामस्वरूप वर्ष 2024-25 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात को पुनः घटाकर 27 प्रतिशत से नीचे लाया जा चुका है तथा आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे और कम कर 23.1 प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य है।

● इतना ही नहीं, बजट के साथ प्रस्तुत मध्यकालीन राजकोषीय नीति में राज्य सरकार इसे चरणबद्ध रूप से 20 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जिससे राज्य की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता एवं सतत विकास सुनिश्चित हो सके।

वित्त मंत्री का शायराना अंदाज

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में सीएम योगी के कार्यकाल को सराहा. कहा- हमारे तेजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए अथक परिश्रम किया है, और उनका यह संकल्प है- यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहाँ अंधेरा है।

श्रमिक कल्याण: मजदूरों के लिए बनेंगे लेबर अड्डे

● अपने घर, गांव से दूर शहरों में काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा.

● एक्स-ग्रेशिया अनुदान के अंतर्गत दिनांक 26.08.2021 से 31.03.2022 तक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित श्रमिकों की किसी दुर्घटना में मृत्यु अथवा पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 01 लाख रूपये का भुगतान किया जा रहा है।

● प्रदेश में प्रथम बार निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने हेतु मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया।

● रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों/श्रमिकों को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है।

युवाओं को रोजगार; अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया

● पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर वर्ष 2017 से अब तक 1,83,766 पुरुष एवं 35,443 महिला सहित कुल 2,19,000 से अधिक पदों पर भर्ती की गई है तथा 1,58,000 कार्मिकों को पदोन्नति प्रदान की गई।

● पुलिस विभाग में चयनित किये गये 60,244 आरक्षियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित है. अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रचलित है।

● मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 1939 प्रवक्ता, 6,808 सहायक अध्यापक एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुये अब तक कुल 8,966 नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है. वर्ष 2017 से अब तक सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया।

● मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के अंतर्गत सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु युवाओं को गारण्टी मुक्त एवं ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है. योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकेगा।

● निवर्तमान मनरेगा योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 20 करोड़ मानव दिवस लक्ष्य के सापेक्ष दिनांक 13 जनवरी, 2026 तक 20 करोड़ 19 लाख 62 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो कि देश में सर्वाधिक है तथा 47.11 लाख परिवारों को वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है.

युवाओं के लिए कही यह बात

● उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा विगत 5 वर्षों में 9.25 लाख युवाओं को विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रशिक्षित करते हुए प्रमाणीकृत किया गया, जिनमें से 4.22 लाख युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियों में सेवायोजित कराया गया है।

● मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केन्द्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है।

● युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

● स्वामी विवेकानन्द युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं।

● प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

महिलाओं के लिए बजट में क्या-क्या

● वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 58,000 ग्राम पंचायतों में 39,880 बीसी सखी द्वारा 39,000 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन करते हुए लगभग 107 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया।

● महिला सामर्थ्य योजना के अन्तर्गत प्रदेश में 5 मिल्क प्रोडयूसर कम्पनियों का गठन होना था, जिसके सापेक्ष जनपद गोरखपुर, बरेली एवं रायबरेली में कम्पनियों का गठन करने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन का कार्य प्रारम्भ हो गया है. जनपद प्रयागराज एवं लखनऊ में कम्पनियों का गठन प्रस्तावित है।

● महिला गन्ना किसानों को पर्ची निर्गमन में प्राथमिकता दी जा रही है जिसका लाभ प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को मिल रहा है।

● सेफ सिटी परियोजना के अन्तर्गत महिला पुलिस बीट, व्यापक सी.सी.टी.वी. नेटवर्क और एण्टी रोमियों स्क्वाड की तैनाती से सार्वजनिक स्थलों और कार्य स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।

● सेफ सिटी की अवधारणा को मूर्तरूप देने व कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा व नये शहरों में एक उचित निवास स्थान उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से प्रदेश के नगर निगमों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।

● मिशन शक्ति के अन्तर्गत सुरक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सेवाओं के एकीकरण से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता को नई गति मिलती है।

● मुख्यमंत्री सुमंगला योजना के अन्तर्गत जनवरी, 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।

किसानों को मुफ्त बिजली आपूर्ति

वित्त मंत्री ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में AI मिशन शुरू होगा, 229 करोड़ की व्यवस्था होगी. जबकि साइबर सुरक्षा के लिए 95 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही...

● नलकूपों से सिंचाई के लिए किसानों को दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से मुफ्त विद्युत आपूर्ति प्रदान की जा रही है।

● वर्ष 2025-2026 में अल्पकालिक फसली ऋण वितरण के अन्तर्गत दिनाँक 19 दिसम्बर, 2025 तक 10,257 करोड़ रुपये का ऋण वितरण कर 15 लाख 01 हजार कृषकों को लाभान्वित किया गया।

● वर्ष 2025-2026 मे दीर्घकालिक ऋण वितरण के लक्ष्य रूपये 600 करोड़ के सापेक्ष  30 नवम्बर, 2025 तक 205 करोड़ रूपये का ऋण वितरण कर 6,870 कृषकों को लाभान्वित किया गया।

● प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2017-2018 से 2024-2025 तक लगभग 62 लाख कृषकों को 5,110 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया।

● वर्ष 2025-2026 में खरीफ के अन्तर्गत माह दिसम्बर, 2025 तक 2.69 लाख बीमित कृषकों को 215 करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।

● प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में माह दिसम्बर, 2025 तक 3.12 करोड़ कृषकों को लगभग 94,668 करोड़ रूपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से कृषकों के खातों में हस्तान्तरित की गई।

किसानों को लेकर वित्ता मंत्री ने ये कहा

● हमारी सरकार के अब तक के कार्यकाल में 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक के रिकार्ड गन्ना मूल्य का भुगतान कराया गया है।

● यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 2,13,519 करोड़ रूपये से भी 90,802 करोड़ रूपये अधिक है।

● पेराई सत्र 2025-2026 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रूपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गई है. इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा।

● रबी विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहँू का क्र्रय करते हुए 2,512 करोड रूपये का भुगतान किया गया।

● खरीफ विपणन वर्ष 2025-2026 में कृषकों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय करते हुए 9,710 करोड़ रूपये से अधिक का भुगतान किया गया।

● खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 54,253 कृषकों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा क्रय करते हुए कृषकों को 595 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया। 

वित्त मंत्री बोले-हर तरफ विकास

फाइनेंस मिनिस्टर सुरेश खन्ना ने राज्य विधानसभा में राज्य का बजट 2026-27 पेश किया. कहा-"हमारी सरकार के पिछले और मौजूदा समय में, राज्य में हर तरफ विकास हुआ है, चाहे वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करना हो, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को बढ़ाना हो, इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट हो, रोजगार पैदा करना हो, महिला सशक्तिकरण हो, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट हो, किसानों की खुशहाली हो और गरीबी खत्म करना हो. साल 2024-2025 के लिए राज्य का GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले साल के मुकाबले 13.4 परसेंट ज़्यादा है।"



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