कला, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव — ‘संगीतम 2026’ का भव्य शुभारंभ 

 कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने किया उद्घाटन — मंच पर पहला कदम ही सबसे बड़ी उपलब्धि 

मेरठ। शोभित विवि द्वारा आयोजित तीन दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक महापर्व “संगीतम 2026 – ऊर्जा का उत्सव” का आज अत्यंत भव्य एवं उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। 37 वर्षों की शैक्षणिक उत्कृष्टता की गौरवशाली परंपरा के साथ आयोजित यह आयोजन 1 मार्च 2026 तक विविध सांस्कृतिक, कलात्मक और प्रतिस्पर्धात्मक कार्यक्रमों के साथ संपन्न होगा। “मंच से मोहब्बत” विषय पर आधारित यह महोत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का सशक्त मंच बन गया है।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन विश्वविद्यालय के माननीय कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़कर किया गया। उद्घाटन के साथ ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट, संगीत की गूंज और युवा ऊर्जा से सराबोर हो उठा।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र जी ने कहा, “संगीतम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि अपने भीतर निहित प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और मंच प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। किसी भी विद्यार्थी के लिए मंच पर पहला कदम रखना ही एक बड़ी उपलब्धि और आत्मविश्वास की दिशा में निर्णायक शुरुआत होती है। ‘मंच से मोहब्बत’ का वास्तविक अर्थ है साहस के साथ स्वयं को अभिव्यक्त करना और अपनी पहचान स्थापित करना।”

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, साहस, अनुशासन और प्रभावी अभिव्यक्ति की शक्ति का विकास करते हैं। ‘संगीतम’ की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि इस शब्द का प्रत्येक अक्षर छात्रों के भीतर छिपी सृजनात्मक ऊर्जा को जागृत करने का प्रतीक है—यह प्रतिभा, संस्कृति और आत्मविश्वास के समन्वय का उत्सव है, जो युवा शक्ति को नई दिशा और नई ऊँचाई प्रदान करता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गणेश वंदना से हुआ, जिसमें केसरिया परिधान में सुसज्जित विद्यार्थियों ने मनोहारी प्रस्तुति देकर आध्यात्मिक वातावरण का सृजन किया। इसके पश्चात “हार्वेस्ट ऑफ हेरिटेज” थीम पर कृषि संकाय के विद्यार्थियों ने भारत के विभिन्न राज्यों की कृषि परंपराओं, प्रमुख फसलों और सांस्कृतिक विविधताओं को अत्यंत रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। राज्यवार परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने भारतीय कृषि की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके उपरांत  देश के विभिन्न भागों से आए  प्रतिभागियों ने वेस्टर्न शैली में एकल नृत्य प्रस्तुत कर मंच पर ऊर्जा का अद्भुत प्रदर्शन किया। दिल्ली एवं अन्य स्थानों से आए विशेषज्ञ निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति का मूल्यांकन किया। जिसमें प्रथम स्थान प्रियांशु गुप्ता दूसरा स्थान सोनल गिरी एवं तीसरा स्थान शिवानी कश्यप ने प्राप्त किया। एकल गायन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने मधुर एवं भावपूर्ण सुरों से वातावरण को सुरमयी बना दिया, जिसमें प्रथम स्थान आर्यन दूसरा स्थान सृष्टि एवं तीसरा  स्थान शिवम ने प्राप्त किया। वही युगल नृत्य प्रतियोगिता ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

सांयकालीन सत्र का मुख्य आकर्षण भव्य फैशन शो रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने आकर्षक परिधानों और आत्मविश्वास से भरे अंदाज़ में मंच पर अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन दिन का प्रमुख आकर्षण सिद्ध हुआ और पूरे परिसर में उत्साह की नई लहर दौड़ गई।

दिन के अंत में सबसे बहुप्रतीक्षित आयोजन “बैटल ऑफ द बैंड्स” ने विश्वविद्यालय परिसर को संगीत की धुनों से गुंजायमान कर दिया। लगभग तीन घंटे तक चले इस रोमांचक संगीत संग्राम में विभिन्न बैंड्स ने दमदार प्रस्तुतियाँ दीं और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। यह प्रस्तुति पहले दिन की ‘शो-स्टॉपर’ साबित हुई।

बता दें  कि अब तक दिल्ली विश्वविद्यालय सहित देश के अन्य विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से 8000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हो चुके हैं, जिससे ‘संगीतम 2026’ ऐतिहासिक स्वरूप ले चुका है। इतनी विशाल सहभागिता के साथ आने वाले दो दिनों में विश्वविद्यालय परिसर में ऊर्जा, उत्साह और रचनात्मकता का स्तर और भी ऊँचा होने की संभावना है। मेरठ शहर भी इस युवा महोत्सव की रंगीन आभा से उत्सवधर्मी वातावरण में रंग गया है।

‘संगीतम 2026’ ने अपने प्रथम दिवस पर यह सिद्ध कर दिया कि यह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और सामूहिक उत्सवधर्मिता का जीवंत प्रतीक है, जो शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक समृद्धि और व्यक्तित्व विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है।

इस अवसर पर कुलपति प्रॉफ वीके त्यागी कुलपति गंगोह प्रो. रंजीत सिंह, विश्वविद्यालय सलाहकार प्रो. एम.एल. सिंगला, निदेशक (न्यू इनिशिएटिव) वंश शेखर, वरिष्ठ निदेशक प्रो. देवेंद्र नारायण तथा ‘संगीतम 2026’ की संयोजक डॉ. दिव्या प्रकाश विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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