भारत की स्पैम ढाल: ट्रूकॉलर  कम्युनिटी ने 2025 में लगभग 1,200 करोड़ अनचाही कॉल्स को रोका

मेरठ : 2025 में भारत में लोगों को 4,000 करोड़ से ज़्यादा स्पैम कॉल आए, जो धोखाधड़ी, परेशानी और डिजिटल जोखिम के बढ़ते खतरे को दिखाते हैं। भारत में हर फ़ोन कॉल का अपना महत्व होता है—यह अवसरों के द्वार खोल सकती है, ज़रूरी जानकारी पहुँचा सकती है या लोगों को गंभीर खतरे में भी डाल सकती है। जैसे-जैसे देश विकसित भारत के लक्ष्य के तहत तेज़ी से डिजिटल और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे संचार पर भरोसा प्रगति की एक अहम नींव बन गया है।

ऐसे देश में जहाँ कनेक्टिविटी हर स्तर पर अवसरों को आगे बढ़ा रही है, वहाँ भरोसा हमारी सबसे कीमती डिजिटल संपत्ति बन गया है,” ट्रूकॉलर के सीईओ रिशित झुनझुनवाला ने कहा “ आज धोखाधड़ी सिर्फ एक तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि एक मानवीय समस्या भी है। यह उन पलों में डर, जल्दबाज़ी और अनिश्चितता का फायदा उठाती है जो सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं। हमारी ज़िम्मेदारी है कि किसी भी भारतीय को जुड़े रहने और सुरक्षित रहने के बीच चुनाव न करना पड़े। ट्रूकॉलर में हमारा फोकस बिल्कुल साफ है—लोगों को सुरक्षित रखते हुए जुड़ा रहने में मदद करना और नुकसान होने से पहले ही जोखिम को रोकना। ”

ट्रूकॉलर की नई रिपोर्ट बताती है कि इनमें से 1,189 करोड़ अनचाही कॉल उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने से पहले ही ब्लॉक कर दी गईं। इससे लाखों लोगों को ठगी, समय की बर्बादी और बेवजह के तनाव से बचाया जा सका, खासकर ऐसे समय में जब देश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से डिजिटल रूप से जुड़ रही है। देश में 100 करोड़ से ज़्यादा सक्रिय फोन कनेक्शन हैं, जो व्यापार, शासन और व्यक्तिगत रिश्तों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में ट्रूकॉलर ने आज अपनी 2025 इंडिया इनसाइट्स रिपोर्ट जारी की है, जो डेटा के ज़रिए यह दिखाती है कि स्पैम और धोखाधड़ी देश के संचार के माहौल को कैसे बदल रहे हैं और टेक्नोलॉजी हर दिन करोड़ों लोगों की सुरक्षा कैसे कर रही है।

यह रिपोर्ट 2025 के दौरान लिए गए इन निर्णयों के प्रभाव को सामने लाती है, साथ ही डिजिटल जोखिम के व्यापक स्तर और उससे बचाव के बढ़ते महत्व को भी स्पष्ट करती है।


 

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