इंजीनियर की मौत के मामले में नोएडा के अन्य अधिकारियों पर गिर सकती है गाज 

 मेरठ जोन एडीजी की अध्यक्षता में तीन सदस्य एसआईटी का गठन , पांच दिन में देनी होगी रिपोर्ट 

  सदस्यों में एडीजी मेरठ जोन , मंडलायुक्त  व मेरठ के चीफ इंजीनियर शामिल 

 मेरठ। नाेएडा में इंजीनियर की मौत का मामला काफी गंभीर होता जा रहा है। कोर्ट के आदेश पर  एडीजी जोन मेरठ भानू भाष्कर , मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी व मेरठ के चीफ इंजीनियर सहजय वर्मा कमेटी का गठन किया है। जिसका नेतृत्व एडीजी जोन भानू भाष्कर करेगी। कमेटी अपनी रिपोर्ट पांच दिन में कोर्ट को सौंपेगी। आंशका जताई जा रही है। नाेएडा पुलिस प्रशासन , अन्य विभागों के अधिकारियों की गर्दन फंस सकती है। 

 इस मामले में अभी तक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर रियल एस्टेट कंपनी (एम्सड विजटाउन प्रा. लि. और लोटस ग्रीन ) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. साथ इस कंपनी के मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

निर्माणाधीन साइट पर सुरक्षा मानकों की कमी के चलते रियल एस्टेट कंपनी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया हैनोएडा प्रशासन ने खतरनाक गड्ढों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और लाइटिंग व्यवस्था कर सुरक्षा बढ़ाई है सभी निर्माणाधीन साइटों का 24 घंटे सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई होगी। 



 बोले एडीजी जोन 

 एडीजी मेरठ जोन भानू भाष्कर ने बताया कोर्ट के आदेश पर उनकी  अध्यक्षता में  तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया हे। जिसमें मंडलायुक्त मेरठ व मेरठ के चीफ इंजीनियर को शामिल किया गया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट  पांच दिन में कोर्ट को सौंपेगी। उन्होने इस दौरान इंजीनियर की मौत से जुड़े हर पहलूओं की जांच पड़ताल करेगी।इसमे प्राधिकरण , फायर ब्रिगेड , पुलिस व प्रशासन , बिल्डर आदि सभी की जांच गहनता से की जा रही है।  हर बिंदू पर कार्य  आरंभ हो गया है। उन्होंने बताया मृतक के परिजनों की संवेदना उनके साथहै। 

 बता दें कि कुछ दिन पहले ही निर्माणाधीन बिल्डर साइट के बेसमेंट में पानी भरे होने के कारण सड़क किनारे कार फिसलकर गिर गई थी, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी. इस घटना ने क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मामले की गंभीरता के देखते हुए एसआईटी ने बुधवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में इस घटना को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक के बाद अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया।

इस मामले में अभी तक सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर रियल एस्टेट कंपनी (एम्सड विजटाउन प्रा. लि. और लोटस ग्रीन ) के खिलाफ मामला दर्ज किया है. साथ इस कंपनी के मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. अभी तक जांच में बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी उजागर की गई है. इस मामले में प्रशासन ने नोएडा प्राधिकरण के एक जूनियर इंजीनियर को भी निलंबित कर दिया है. इतनी ही नहीं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया ह। 

बिल्डरों और प्लॉट-मालिकों को सुरक्षा मानकों को लेकर नोटिस

इस घटना के बाद घटनास्थल और आसपास के खतरनाक गड्ढों पर स्थायी रूप से बैरिकेडिंग कर दी गई है। साथ ही चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्कर और लाइटिंग की उचित व्यवस्था भी की गई है। आगे इस तरह की कोई घटना ना हो इसके लिए ही प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं। इसके साथ-साथ नोएडा के सभी निर्माणाधीन और अधूरी साइटों का 24×7 सुरक्षा ऑडिट भी किया गया है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन भी साइट पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते देखा जाएगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।( 

प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 

इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने व्हाट्सएप और हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है. आप 9205559204 पर डायल कर अपनी शिकायत से अवगत करा सकते हैं. इतना ही नहीं नागरिक इस नंबर पर खतरनाक स्थानों की फोटो और वहां की लोकेशन भी भेज सकेंगे. खास बात ये नए आदेश के मुताबिक अब 24 घंटे के भीतर निरीक्षण और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. SDRF, NDRF और दमकल विभाग के साथ समन्वय मजबूत करने की बात कही गई है. सभी राहत-बचाव इकाइयों को विशेष प्रशिक्षण के निर्देश दिए गए हैं. आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी रेस्क्यू पर जोर दिया गया है. प्रशासन की जनता से अपील - असुरक्षित स्थलों की तुरंत सूचना दें, खुले गड्ढे या टूटी बैरिकेडिंग दिखे तो हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं. मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि—लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी. दोषियों पर कठोर कार्रवाई और भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित है। 

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