गन्ना किस्म की पहचान हेतु वैज्ञानिक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था ही किसान कल्याण की कुंजी : राजीव राय
त्रिवेणी चीनी मिल, साबितगढ़ के सभागार में गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक पहचान विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
मेरठ। गन्ना विकास, आपूर्ति एवं सर्वे प्रणाली में पारदर्शिता, शुद्धता एवं किसान-हितैषी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से गन्ना किस्मों की वैज्ञानिक पहचान हेतु एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन त्रिवेणी चीनी मिल, साबितगढ़, जनपद-बुलन्दशहर के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय द्वारा की गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम गन्ना आयुक्त, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य गन्ना सर्वे कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं गन्ना पर्यवेक्षकों की तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करना तथा गन्ना किस्मों की सही एवं वैज्ञानिक पहचान सुनिश्चित करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान गन्ना किस्मों की पहचान हेतु भौतिक संरचना, जैसे—डंठल, पत्ती, गांठ, आँख, रंग, गन्ने की पत्तियों की बनावट, पोरियों का रंग एवं वृद्धि अवस्था के आधार पर विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गयी। साथ ही गन्ना की प्रजातियों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा गहन प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अधिकारियों को 20 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ हो रहे खेत गन्ना सर्वे के सम्बन्ध में भी आवश्यक निर्देश दिये गये।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अध्यक्षीय संबोधन में उप गन्ना आयुक्त राजीव राय द्वारा बताया गया कि गन्ना किस्मों की सही पहचान से न केवल सर्वे में आने वाली विसंगतियों का समाधान होगा, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था, पेराई प्रक्रिया, भुगतान प्रणाली एवं कृषक हितों को भी सुदृढ़ किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि “आज आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम गन्ना विकास व्यवस्था को वैज्ञानिक, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
जिला गन्ना अधिकारी डा. अनिल कुमार भारती ने भी अपने संबोधन में प्रशिक्षणार्थियों से अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि “आज यहां दी गई जानकारी केवल सैद्धान्तिक नहीं, बल्कि पूर्णतः व्यावहारिक एवं फील्ड-उपयोगी है। आप सभी से अपेक्षा है कि इस ज्ञान का उपयोग खेत गन्ना सर्वे कार्य में पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं किसान-हित को केन्द्र में रखकर करेंगे।”
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मेरठ परिक्षेत्र के आर०ओ०, गन्ना विकास निरीक्षक, उपक्रम प्रबंधक, चीनी मिल के तकनीकी अधिकारी, गन्ना पर्यवेक्षक एवं अन्य विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी, वैज्ञानिक एवं पारदर्शी गन्ना विकास नीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है, जिससे गन्ना विकास प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।


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