बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन

आप कार्यकर्ताओं ने कमिश्नरी चौराहे पर की नारेबाजी, एडीएम को सौंपा ज्ञापन

 मेरठ। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को प्रदेश के सभी जिलों में प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। पार्टी ने मंदिरों पर हमलों, महिलाओं और बच्चों के साथ बर्बरता तथा जबरन पलायन का आरोप लगाया। मेरठ में आप जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे और एडीएम सिटी बृजेश सिंह को ज्ञापन दिया।

राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पार्टी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन भारत सरकार न तो कूटनीतिक दबाव बना रही है और न ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कोई ठोस पहल कर रही है। आप का कहना है कि केंद्र सरकार की चुप्पी से अत्याचारियों के हौसले बढ़ रहे हैं और बांग्लादेश में हालात बिगड़ रहे हैं।पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका ने इस अवसर पर कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर मौन हैं। उन्होंने इसे केवल विदेश नीति की विफलता नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध बताया।जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को 'सोची-समझी साजिश' करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह चुप्पी अडानी के हजारों करोड़ रुपये के बिजली कारोबार की कीमत पर खरीदी गई है, जबकि बांग्लादेश में हिंदुओं पर खूनखराबा, मंदिरों का विध्वंस और महिलाओं-बच्चों पर बर्बरता जारी है।चौधरी ने कड़े शब्दों में कहा कि यह देश प्रधानमंत्री का निजी कारोबार नहीं है और हिंदुओं की जान किसी कॉर्पोरेट के मुनाफे से सस्ती नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री को देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ खुलकर बोलना चाहिए और सख्त फैसला लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यह चुप्पी अब कमजोरी नहीं, बल्कि सीधे-सीधे अपराध में भागीदारी बन चुकी है।

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