कपसाड़ से फ़ोर्स हटा, पटरी पर लौटने लगी जिंदगी
गांव की तरफ आने वाले सातों रास्तों से बंदिशे हटी, पीएसी के हाथ में सुरक्षा
मेरठ।सरधना के कपसाड़ गांव से फोर्स हटने के बाद आम ज़िन्दगी धीरे धीरे पटरी पर लौटने लगी है। 12 दिन की बंदिशों से मुक्ति पाकर लोग राहत महसूस कर रहे हैं। सुनसान दिखने वाले रास्तों पर भी हलचल है। सबसे ज्यादा राहत उन लोगों को है, जिनके प्रतिष्ठान जैसे होटल, रेस्टोरेंट, चाय की दुकान, टायर पंचर की दुकान बंद करा दिए गए थे। हालांकि तनाव की बात से अभी इंकार नहीं किया जा सकता है।
सरधना में कपसाड़ गांव में गत 8 जनवरी की सुबह दलित समाज की रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर काम करने गई थी। इसी दौरान ठाकुर समाज के पारस सोम ने युवती को अगवा कर लिया। भागते वक्त पारस सोम ने सुनीता पर बलकटी से हमला किया, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव फैल गया। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने पारस सोम की गिरफ्तारी के लिए 10 टीम का गठन किया।
10 जनवरी को सहारनपुर से किया गिरफ्तार
सुनीता की मौत से गांव में तनाव फैल गया। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी और उसके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग करने लगे। पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसी दौरान पुलिस को पारस सोम की सहारनपुर में लोकेशन मिली। पुलिस ने लोकेशन को ट्रेस किया और पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया। रूबी को सकुशल बरामद करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया और गांव में फोर्स लगा दी गई।
13 जनवरी से गांव में बढ़ा दी सख़्ती
इस घटना के बाद विपक्ष हावी हो गया। सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए। नतीजा यह रहा कि कपसाड़ की तरफ जाने वाले हर रास्ते पर भारी पुलिस फोर्स लगाकर बाहरी व्यक्ति का प्रवेश रोक दिया गया। इसके बाद सख़्ती बढ़ती चली गई। गांव के भीतर लोग घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिए गए। सार्वजनिक रूप से मोबाइल के प्रयोग पर रोक लगा दी गई। शाम होते ही गांव में सन्नाटा पसरने लगा।
कपसाड़ की बंदिश का कारोबार पर असर
कपसाड़ की बंदिश सड़क तक दिखी। नहर पटरी मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। यहां जितने भी होटल और रेस्टोरेंट खुले हुए थे पुलिस ने सभी को बंद करा दिया। आलम यह हुआ के टायर पंचर की दुकान तक पुलिस ने बंद करा दी। टायर पंचर की दुकान चलाने वाले गौरव ने बताया कि 12 दिन उसका ठिया बंद रहा है। रविवार को रास्ता खुला तो ग्राहक आने लगे। अब थोड़ी दिक्कत दूर हुई है। एक होटल चलाने वाले ने भी 12 दिन की दिक्कतों को दैनिक भास्कर से साझा किया।
तनाव को देखते हुए पीएसी पिकेट लगाई
कपसाड़ गांव से पुलिस फोर्स हटा दिया गया है। अटेरना और दौराला पुल समेत सभी सात रास्ते खाली कर दिए गए हैं। अफसरों की मानें तो गांव पूरी तरह शांत है। हालांकि रूबी और पारस के घरों के बीच पीएसी की एक पिकेट बैठा दी गई है। दिन में सरधना थाना प्रभारी निरीक्षक भी गांव में समय बिताते हैं। कोशिश यही है कि गांव में तनाव ना फैलने दिया जाये। बाहर से आने वाले लोगों की भी निगरानी हो रही है।
बोले ग्रामीण
- कपसाड़ निवासी नवीन ने कहा कि शुरुआत में कुछ दिक्कत हुई लेकिन फिर हालात सामान्य हो गए। गांव के लोगों को पुलिस ने परेशान नहीं किया। सब कुछ सामान्य है। कोई किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है। गांव की दुकानें भी खुल रही हैं।
- ग्रामीण जय सिंह ने बताया कि गांव के लोगों को कभी पुलिस ने परेशान नहीं किया। ग्रामीण आराम से बाहर भी आ जा रहे थे। कुछ दिन के लिए बाहर से आने वाले लोगों की आईडी पुलिस जरूर चेक कर रही थी। अब वह दिक्कत भी खत्म हो गई है।
- गांव के सूरजपाल क्या कहना था कि शुरुआत में ही थोड़ी बहुत दिक्कत हुई थी, उसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होते चले गए। अब गांव की स्थिति सामान्य है। किसी तरह की कोई दिक्कत या बंदिश नहीं है। अब केवल उन दो घरों के पास ही पीएसी को लगाया गया है।


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