मेरठ में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प

इंस्पेक्टर सरधना के खिलाफ नारेबाजी, मौके पर पहुंचे सीओ ने फोर्स बुलाया, जमकर नोकझोंक

मेरठ।सरधना थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित गांव कपसाड़ में हुए अपहरण और हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि इसी थाना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ़ में कश्यप समाज के युवक को जिंदा जलाकर मार देने का मामला सामने आ गया। इसे लेकर लोगों में नाराजगी है। सियासी बयानबाजी भी हो रही है।

मंगलवार को मामला उस वक्त तूल पकड़ गया, जब परिवार को सांत्वना देने पहुंचे लोगों से पुलिस की झड़प हो गई। मौके पर पुलिस फोर्स बुला लिया गया। यहां मौजूद लोगों को जबरन वापस भेजा जा रहा है।

बता दें सरधना के ज्वालागढ़ गांव के बाहर 5 जनवरी की रात स्कूल के चौकीदार ने सड़क किनारे जलता हुआ शव देखकर पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान मुजफ्फरनगर निवासी रोहित उर्फ सोनू उर्फ राेनू कश्यप के रूप में हुई थी। रोनू यहां ज्वालागढ़ में रहने वाली अपनी मौसी के घर आने के लिए निकला था लेकिन इससे पहले ही किसी ने उसकी हत्या कर शव जला दिया।

अगले दिन पुलिस ने किया खुलासा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया और छानबीन शुरू कर दी। अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग टेंपो चालक को गिरफ्तार किया था।

खुलासा हुआ कि मुजफ्फरनगर से आते वक्त रोनू की इस टेंपो चालक से दोस्ती हुई दोनों ने जमकर पहले शराब पी। इसी दौरान कुछ ऐसा हुआ है कि आरोपी टेंपो चालक ने ईट से रोनू की हत्या की और वहीं पर शव जला दिया।

गांव में पंचायत की सूचना पर दौड़ी पुलिस

कपसाड़ कांड के बाद पुलिस में खलबली मची है। 2 दिन से गांव छावनी में तब्दील है। मंगलवार शाम जैसे ही पुलिस को भनक लगी कि ज्वालागढ़ में भीड़ जुट रही है तो हड़कंप मच गया। सरधना थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह गांव में पहुंच गए और मौजूद लोगों को जबरन हटाने लगे। इसका विरोध हो गया।इसके बाद सीओ सरधना आशुतोष कुमार एक प्लाटून पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए।

हिरासत में महिलाओं ने किया जमकर हंगामा

पुलिस को इकट्ठा होते देख ग्रामीणों की भीड़ भी जुट गई। उन्होंने पुलिस का विरोध कर दिया। महिलाओं ने कहा कि लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने आ रहे हैं और पुलिस उन्हें भगा रही है। उनसे हाथापाई की जा रही है।

इस दौरान समाजवादी पार्टी समेत कई दलों के लोग वहां मौजूद रहे। थाना प्रभारी और सीओ की उनके साथ भी नोकझोंक होने लगी। इस दौरान पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस की हिरासत से युवकों को छुड़ाया

इस दौरान भारतीय कश्यप सेवा संगठन के कुछ पदाधिकारी भी सहारनपुर से यहां पहुंचे थे। उनकी भी पुलिस से नोकझोंक हो गई। पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष अमित कश्यप, मंडल अध्यक्ष विकास कश्यप और जिला अध्यक्ष दीपक कश्यप सहित छह लोगों को पकड़ लिया और गाड़ी में बिठाकर ले जाने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने विरोध कर दिया और पुलिस से झड़प करते हुए सभी को छुड़ा लिया।

पुलिस पर मारपीट करने का आरोप

पुलिस हिरासत से छूटे अमित कश्यप ने बताया कि वह अपने समाज के इस परिवार का दर्द बांटने आए थे लेकिन पुलिस ने उनके साथ अभद्रता कर दी। उन्होंने मारपीट करने का भी आरोप लगाया। मंडल अध्यक्ष विकास कश्यप ने भी गाड़ी में ले जाकर पुलिसकर्मी द्वारा पीटे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह व्यवहार असामाजिक है। इससे साफ पता चलता है कि पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

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