नेताजी सुभाष चंद्र बोस का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय और अविस्मरणीय- प्रो संगीता शुक्ला 

सीसीएसयू में मनाई नेताजी सुभाष चंद जयंती 

 मेरठ। साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी एवं आज़ाद हिंद फ़ौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अतुलनीय और अविस्मरणीय है। नेताजी न केवल एक निर्भीक राष्ट्रवादी नेता थे, बल्कि वे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी हैं। उनका जीवन त्याग, अनुशासन, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नेताजी ने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” जैसे ओजस्वी नारों के माध्यम से देशवासियों में स्वतंत्रता की ज्वाला प्रज्वलित की। आज़ाद हिंद फ़ौज के गठन के माध्यम से उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि संगठित शक्ति और दृढ़ संकल्प से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। आज के समय में विद्यार्थियों और युवाओं को नेताजी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि ऐसे महान राष्ट्रनायकों के विचारों और मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाए, ताकि उनमें देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का विकास हो।

कार्यक्रम में शोध निदेशक प्रोफेसर वीरपाल सिंह, साहित्यिक सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रोफेसर नीलू जैन गुप्ता, समन्वयक प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा, प्रोफेसर ए. वी. कौर, डॉ. वैशाली पाटिल, मीडिया सेल सदस्य मितेंद्र कुमार गुप्ता, इंजीनियर मनीष मिश्रा, सर्वोत्तम शर्मा, दीपक त्यागी आदि मौजूद रहे।

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