युवा चेतना के स्वर हैं स्वामी विवेकानंद:  प्रो अनीता गोस्वामी

युवा चेतना के उद्घोषक स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर मेरठ कॉलेज में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

मेरठ। स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर  सोमवार को मेरठ कॉलेज, के डॉ. रामकुमार गुप्ता सभागार में एक दिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. युधवीर सिंह ने की। इस अवसर पर राजकीय कन्या महाविद्यालय, सरधना की प्राचार्या प्रोफेसर अनीता गोस्वामी मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित रहीं।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. युधवीर सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के शिल्पकार थे। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का मंत्र दिया। आज का युवा यदि विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर ले, तो भारत पुनः विश्वगुरु बन सकता है।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर अनीता गोस्वामी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को “उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन आत्मबल, नारी सशक्तिकरण और नैतिक मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं से आत्मनिर्भर बनने, शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के आयोजन सचिव प्रोफेसर चंद्रशेखर भारद्वाज ने स्वामी विवेकानंद और मेरठ के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्वामी विवेकानंद नवंबर 1891 में मेरठ पधारे थे। उन्होंने यहां एक चिकित्सक से उपचार कराया और सिटी रेलवे स्टेशन के पास मनसा देवी मंदिर के पीछे स्थित सेठ जी के बाग में कई महीने निवास कर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। इस दौरान उनके सहयोगी स्वामी योगानंद भी उनके साथ रहे। पुस्तकों के प्रति उनके प्रेम के कारण वे तिलक पुस्तकालय, घंटाघर का नियमित रूप से भ्रमण करते थे तथा मेरठ छावनी क्षेत्र में सैनिकों की परेड देखने भी जाते थे।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अर्चना सिंह (इतिहास विभाग) ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए आदर्श है और उनके विचारों को शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और नैतिक चेतना का विकास होता है।

कार्यक्रम में मेरठ कॉलेज की प्रोफेसर सीमा पवार, अर्चना सिंह, अनिल राठी, पंजाब सिंह मलिक, नीरज कुमार, विनय आर्य, अरविंद कुमार, रीना बंसल, काजल वर्मा सहित अनेक शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ।

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