क्या WW-3 का होगा आगाज?

 मॉस्को से लेकर बीजिंग तक टेंशन, ट्रंप के खिलाफ गुस्सा

 अमेरिका,एजेंसी । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला पर कार्रवाई ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति मादुरो के अपहरण के बाद दुनिया भर में ट्रंप के खिलाफ आक्रोश है। चीन, क्यूबा, उत्तर कोरिया समेत कई देश इसकी निंदा कर रहे हैं. कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। 

वेनेजुएला पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऑपरेशन के बाद पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है। दुनिया भर में ट्रंप के खिलाफ आक्रोश है। क्योंकि ट्रंप के इस कदम को तीसरे विश्वयुद्ध का गेटवे माना जा रहा है। कई देश ट्रंप के इस कदम को लेकर काफी खफा हैं। इन देशों ने वेनेजुएला पर ट्रंप की कार्रवाई की खुलकर निंदा की है।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो के अपहरण के बाद ट्रंप सवालों के घेरे में हैं। हालांकि सैन्य और आर्थिक शक्ति के हिसाब से अमेरिका के सामने वेनेजुएला जैसे देश की कोई हैसियत नहीं है। लेकिन इसके बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के हमले को दुनिया भर में उनकी बहुत बड़ी भूल माना जा रहा है।

ट्रंप ने बढ़ाई अपने दुश्मनों की तादाद

माना जा रहा कि वेनेजुएला पर हमला करके और वहां के राष्ट्रपति मादुरो को पत्नी समेत किडनैप करके ट्रंप ने अपने शत्रुओं की तादाद बढ़ा ली है। ट्रंप ने अपने दुश्मनों को खुद के खिलाफ मोर्चा खोलने का मौका दे दिया है। ये भी कहा जा रहा है कि ट्रंप ने वेनेजुएला पर एक्शन लेकर दुनिया में तनाव और युद्ध के कई फ्रंट खोल दिए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मादुरो को लेकर बढ़ता तनाव महायुद्ध का आगाज करा सकता है?। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या मादुरो को लेकर बढ़ता तनाव महायुद्ध का आगाज करा सकता है?।

ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

दरअसल अमेरिका के खिलाफ दुनिया के तमाम देशों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पेरिस में ट्रंप की कार्रवाई से गुस्साई भीड़ ने अमेरिका के फ्लैग को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं क्यूबा में अमेरिका के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए। यहां लोगों ने रैली निकाली निकालकर अपनी विरोध दर्ज कराया। वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को छोड़ने की मांग की। इसके साथ ही पोर्टलैंड में भी अमेरिका के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन किया और मादुरो की रिहाई की मांग की।

चीन ने की मादुरो की रिहाई की मांग

वहीं चीन ने अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की है। चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार (4 जनवरी) को बयान जारी करते हुए कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को इस तरह अपने देश ले जाना गलत है। मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे का हल बातचीत से होना चाहिए।इधर उत्तर कोरिया ने वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई को गुंडागर्दी बताया है। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका की यह कार्रवाई किसी भी देश की आजादी और संप्रभुता पर किया गया सबसे गंभीर हमला है।

वाशिंगटन में ट्रंप के प्रोटेस्ट

यही नहीं अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवेनेजुएला को नियंत्रण में रखने संबंधी बयान के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वेनेजुएला पर युद्ध नहीं जैसे नारे लगाए और विरोधी बैनर लहराए। वहीं न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में भी लोगों ने रैली निकाल कर ट्रंप की गिरफ्तारी की मांग की।

पेरिस में सड़कों पर उतरे लोग

वहीं पेरिस में वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए वेनेजुएला के झंडे लहराए।इसके साथ ही ग्रीस की राजधानी एथेंस में हजारों लोगों ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। इटली की राजधानी रोम में नागरिकों ने अमेरिकी सैन्य अभियान के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। इसी तरह अर्जेंटीना और कोलंबिया में भी अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ आवाजें उठीं।

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