दो बिल्डरों के खिलाफ मेडा ने दर्ज कराया मुकदमा
नोटिस और ध्वस्तीकरण के बाद भी निर्माण कर रहे थे
मेरठ। सरधना रोड पर जेवरी गांव के पास अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी में बार-बार चेतावनी और ध्वस्तीकरण के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने सख्त रुख अपनाया है। मेडा की तहरीर पर कंकरखेड़ा थाने में दो नामजद बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडा के प्रथम उप-प्रभारी प्रवर्तन जितेंद्र कुमार की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, गौरव चौधरी और रमन चौधरी बिना मानचित्र स्वीकृत कराए कॉलोनी विकसित कर रहे थे। इस पर प्राधिकरण ने 18 सितंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस और कार्य रोको नोटिस जारी किया था। इसके बाद 29 सितंबर और 15 अक्टूबर 2025 को दोनों बिल्डरों को सुनवाई का अवसर भी दिया गया, लेकिन उन्होंने निर्माण कार्य बंद नहीं किया।
लगातार नियमों की अनदेखी के चलते मेडा ने 8 नवंबर 2025 को बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया था। इसके बावजूद बाद में की गई जांच में सामने आया कि कॉलोनी में दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडा ने 26 जनवरी को कंकरखेड़ा थाने में तहरीर दी। जिसके आधार पर नामजद आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। इंस्पेक्टर विनय कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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