कड़ाके की ठंड में ब्रेन स्ट्रोक का बढ़ा खतरा न करें लापरवाही - सीएमओ
लगातार करें पानी का सेवन ,बाहर निकलने से पहले यह रखें ध्यान
मेरठ। मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी के हांड कपा देने वाली ठंड पड़ रही है। कड़ाके ठंड मे ब्रेन स्ट्रोक का ज्यादा खतरा बन गया है। काफी लोगों की ब्रेन स्ट्रोक पड़ने से अकाल मौत हो गयी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कडाके ठंड में लाेगों को सतर्कता बरतने कीअपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा अशोक कटारिया ने बताया किशीतलहर के दौरान स्ट्रोक आने का रिस्क होता है. स्ट्रोक में अगर समय पर इलाज न मिले तो ये सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। कुछ लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। शीतलहर में इन लोगों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा? ये 5 गलती बिल्कुल न करें।
ब्रेन स्ट्रोक एक खतरनाक बीमारी है। स्ट्रोक आने के बाद अगर समय पर इलाज न मिले तो मरीज की मौत तक हो सकती है। स्ट्रोक का खतरा सर्दियों और शीतलहर के दौरान बढ़ जाता है। वैसे तो ये किसी को भी आ सकता है। लेकिन कुछ लोगों में इसका रिस्क अधिक होता है। ऐसे में डॉक्टर ने इस मौसम में लोगों को कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए। डॉक्टरों से जानते हैं कि स्ट्रोक से बचने के लिए क्या करें और किन बातों का ध्यान जरूर रखें।
बताया कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, और धूम्रपान करने वाले लोगों को स्ट्रोक का रिस्क दूसरे लोगों की तुलना में कम होता है। जिन लोंगों की उम्र 60 साल से अधिक होती है उनको भी रिस्क होता है. ऐसे में इन लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत है।
बताया कि ठंड के मौसम में शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, हार्ट पर दबाव बढ़ता है। इससे शरीर में ब्लड क्लॉट बनने का रिस्क रहता है. ये क्लॉट अगर दिमाग में बन जाता है तो इससे स्ट्रोक आ जाता है। स्ट्रोक दो प्रकार का होता है। दोनों खतरनाक है। इसमें ये जरूरी है कि समय पर इलाज कराएं और अस्पताल जाएं।
ठंड में ये गलतियां न करें
सर्दियों में सबसे जरूरी है कि अचानक से ठंड में बाहर न निकलें। इससे स्ट्रोक का खतरा रिस्क रहता है। ऐसे में जरूरी है किबाहर जाने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग और गर्म कपड़े पहनें। इस मौसम में इस बात का ध्यान भी रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिन में कम से कम सात से आठ गिलास पानी पीएं. खानपान का ध्यान रखें औरसर्दियों में हाई फैट और ज्यादा नमक वाला खाना न खाएं। क्योंकि अधिक नमक बीपी को बढ़ा सकता है जो स्ट्रोक का कारण बनता है।
ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण
धुंधला दिखना
चक्कर आना
सिर में तेज दर्द
चलने -फिरने में परेशानी
बोलने में परेशानी


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