दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
गांव में नाकेबंदी-भारी पुलिस बल तैनात् गांव के बाहरी इलाकों में पुलिस की नाकेबंदी
मीडिया समेत बाहरी की गांव में आने की मनाही
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र में दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद गांव को पुलिस ने पूरी तरह सील कर दिया है। बाहरी लोगों और मीडिया के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।
मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में गांव महमदपुर सिखेड़ा में दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान मौत के बाद गांव में हंगामा हुआ। पुलिस ने नाकेबंदी कर मीडिया समेत बाहरी लोगों की एंट्री बंद कर दी है।मौत के बाद हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।जैसे ही किशोरी का शव गांव पहुंचा, परिजनों ने शव उतारते ही हंगामा शुरू कर दिया। माहौल तनावपूर्ण हो गया। करीब 40 मिनट तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने समझाकर किशोरी के भाई को अंतिम संस्कार के लिए सहमत किया।एक ओर पुलिस शव को श्मशान घाट ले जा रही थी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण मृतका के समर्थन में मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस की मौजुदगी में किशोरी का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव पूरी तरह सील, बाहरी लोगों पर रोक
स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव के सभी मुख्य मार्गों को बंद कर दिया है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के गांव में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।तनावपूर्ण हालात के मद्देनज़र मीडिया को भी गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
भारी पुलिस बल तैनात
देर रात से ही पुलिस गांव में डेरा डाले हुए है। दोनों ओर से आवाजाही पर सख्ती की गई है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
परिवार वाले बोले- हमारे लोगों को गांव में आने से रोका जा रहा
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गांव के नेटवर्क ब्लॉक कर दिए हैं, हम किसी से बात नहीं कर पा रहे हैं। हमारे लोगों को गांव में आने से रोका जा रहा है। हमारे गांव को ऐसे छावनी बना दिया है कि कोई यहां हमसे मिलने भी नहीं आ पा रह है।
बहन बोली- हमारे घर के चारों ओर फोर्स लगा दिया गया
पीड़ित की बहन ने कहा- 30 जनवरी की रात से ही हमारे घर के चारों ओर फोर्स लगा रखी है। हमें कहीं जाने नहीं दिया जा रहा है। हमारे घर के आसपास के जो मोबाइल नेटवर्क हैं वह भी बंद कर दिए हैं। हम किसी से मोबाइल पर बात भी नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले को दबा रही है। बहन ने बताया कि जब बहन घर आई थी तो खून से लथपथ थी।
पीड़ित की मां बोलीं- मुझे इंसाफ चाहिए
आरोपी अनुज की मम्मी मेरी बेटी को छोड़ने आईं थी। हम घबरा गए कि मेरी बेटी को कुछ खिला दिया है। हमे तो न्याय चाहिए।
बोले अधिकारी
किशोरी का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में करा दिया गया है। तनाव को देखते हुए गांव की नाकेबंदी गयी है। किसी भी बाहरी के प्रवेश पर रोक लगा दी है। जिससे माहौल खराब न हो।
विपिन ताडा - एसएसपी मेरठ



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