प्रो. एच.एस. बालियान नहीं रहे ..

 मेरठ। चौधरी चरण सिंह विवि  के  जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रोफेसर डॉ. एच. एस. बालियान  का निधन हो गया। उनके निधन से विवि परिवार ही नहीं, बल्कि संपूर्ण कृषि विज्ञान और शैक्षणिक जगत को एक गहरी क्षति पहुँची है।

प्रोफेसर बालियान  सेवानिवृत्त होने के बाद भी शिक्षा और शोध से सक्रिय रूप से जुड़े रहे। इन दिनों वे विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एमेरिटस के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। यह उनके समर्पण और अकादमिक प्रतिबद्धता का प्रमाण था कि औपचारिक सेवा निवृत्ति के बाद भी उनका जीवन ज्ञान, मार्गदर्शन और अनुसंधान को समर्पित रहा।

अपने लंबे शैक्षणिक जीवन में उन्होंने विश्वविद्यालय में अनेक महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पदों पर रहकर कार्य किया। प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी उन्होंने कभी शिक्षण और शोध की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया। वे एक ऐसे शिक्षक थे जिन्होंने अकादमिक अनुशासन, पारदर्शिता और कार्यसंस्कृति को सदैव सर्वोपरि रखा।जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। फसल सुधार, आनुवंशिक विविधता, उत्पादन क्षमता में वृद्धि और बीज गुणवत्ता जैसे विषयों पर उनके शोध कार्यों ने कृषि विज्ञान को मजबूती प्रदान की। उनके निर्देशन में अनेक विद्यार्थियों ने एम.एससी. और पीएचडी की उपाधियाँ प्राप्त कीं, जो आज विभिन्न संस्थानों और संगठनों में उनकी ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।प्रोफेसर बालियान केवल एक विद्वान शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील मार्गदर्शक भी थे। वे छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते, उन्हें आत्मविश्वास देते और सही दिशा दिखाने का प्रयास करते थे। उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और कर्मनिष्ठा उन्हें विशेष बनाती थी।

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