आवश्यकता है उसे पहचानने और सही दिशा में विकसित करने की- प्रो सीमा शर्मा
मेरठ कॉलेज में अभिक्षमता एवं संप्रेषण कौशल पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन
मेरठ। साेमवार को मेरठ कॉलेज के शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से अभिक्षमता विकास एवं संप्रेषण कौशल विकास विषय पर विशेष संगोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में छिपी क्षमताओं की पहचान कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।
अभिक्षमता विकास कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर सीमा शर्मा द्वारा किया गया । उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “हर विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष क्षमता होती है, आवश्यकता है उसे पहचानने और सही दिशा में विकसित करने की। तार्किक सोच, समस्या समाधान और सही निर्णय क्षमता आज के समय में अत्यंत आवश्यक हैं। यदि विद्यार्थी अपनी अभिक्षमता को समझ लें, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को आत्ममूल्यांकन करने और अपने लक्ष्य स्पष्ट करने के लिए भी प्रेरित किया।
संप्रेषण कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन प्रोफेसर विनीता सिंह के निर्देशन में किया गया, जिसमें प्रभावी संवाद, आत्मविश्वास, भाषा की स्पष्टता एवं अभिव्यक्ति कौशल पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि अच्छा संप्रेषण कौशल न केवल शैक्षिक जीवन में बल्कि व्यावसायिक एवं सामाजिक जीवन में भी सफलता की कुंजी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सीमा शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि व्यक्तित्व विकास, कौशल और आत्मविश्वास का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के प्रोफेसर संजय त्यागी, प्रोफेसर शालिनी त्यागी एवं प्रोफेसर पूनम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के शोधार्थियों के साथ-साथ एम.एड. प्रथम एवं चतुर्थ सेमेस्टर तथा बी.एड. प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।समापन पर प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक एवं व्यवहारिक बताया।


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