रेलवे कर्मचारी की चाकुओं सें गोद कर हत्या 

ड्यूटी जाते वक्त बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम 

मेरठ। बीती रात थाना मुडाली क्षेत्र के मुंडाली-अजराड़ा संपर्क मार्ग पर  डयूटी पर जा रहे रेलवे कर्मचारी की बदमाशों ने चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर बदमाश रेलवे कर्मचारी को सड़क पर छोड़कर फरार हो गये। राह गुजरे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलवस्था में उसे मेडिकल में भर्ती कराया । लेकिन चिकित्सकों ने जवाब दे दिया। फिलहाल पुलिस जांच पड़ताल करने में जुटी है। 

 बक्सर निवासी विवेक  खरखौदा रेलवे स्टेशन पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात था। उसके पिता का नाम महेंद्र है। रविवार देर शाम विवेक रोज की तरह ड्यूटी पर जाने के लिए बाइक से निकला था।मुंडाली-अजराड़ा संपर्क मार्ग पर एक बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने उसे ओवरटेक कर उसकी बाइक रुकवा ली। इसके बाद आरोपियों ने विवेक के साथ मारपीट की और चाकू से उसके सीने और गले पर करीब 10 से ज्यादा वार किए। वारदात के बाद जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक हमलावर मौके से फरार हो गए।घायल हालत में विवेक करीब आधे घंटे तक तड़पता रहा। उसके सीने और गर्दन से लगातार खून बह रहा था। उसे हिचकियां आ रही थीं। वहां से गुजरते लोगों की नजर विवेक पर पड़ी। उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। पहुंची ने रेलवे कर्मचारी को पहले सीएचसी भिजवाया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रेलवे कर्मचारी की मौत हो गई। पुलिस की टीमें हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं। 

विवेक पर हमले की सूचना पुलिस ने परिजनों को दी। वे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन तब तक विवेक की मौत हो चुकी थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने हंगामा कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। परिजनों ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

4 साल पहले हुई थी शादी

विवेक तीन भाइयों और एक बहन में शामिल था। विवेक का बड़ा भाई रोहित नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता है। विवेक और विकास जुड़वा भाई थे। विकास रोडवेज में संविदा परिचालक के पद पर कार्यरत है। परिवार में मां ओमलता का पहले ही निधन हो चुका है। विवेक की शादी 4 साल पहले मानपुर गांव निवासी गुंजन से हुई थी। दंपती की डेढ़ साल की एक बेटी है। विवेक की मौत के बाद से उसकी पत्नी गुंजन सदमे में है।

महेंद्र बोले-1 घंटे बाद ही आया फोन

विवेक की मौत के बाद पिता महेंद्र भी सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। विवेक करीब छह साल पहले रेलवे में की-मैन के पद पर भर्ती हुआ था। बीते लगभग दो वर्षों से उसकी नाइट ड्यूटी चल रही थी। रविवार शाम भी वह ड्यूटी के लिए घर से निकला था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद ही घटना की सूचना परिवार को मिल गई।परिजन सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन तब तक विवेक दम तोड़ चुका था।

लूट के इरादे से नहीं हुई हत्या

पुलिस को विवेक की जेब से उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इसके अलावा गले में पहनी सोने की चेन भी सुरक्षित मिली है। उसकी जेब में पर्स भी मौजूद था। इन तथ्यों से साफ है कि विवेक की हत्या लूट के इरादे से नहीं की गई। फिलहाल पुलिस हत्या की वजह तलाशने में जुटी हुई है।

एसपी बोले- कई बिंदुओं पर हो रही जांच

एसपी देहात अभिजीत सिंह ने बताया- ड्यूटी पर जाते समय यह घटना हुई है। राहगीरों ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस लहूलुहान विवेक को लेकर अस्पताल गई लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया। कई तथ्य सामने आए हैं, जिनके अनुसार जांच की जा रही है।

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