बांग्लादेश चुनाव में हिंदू उम्मीदवारों के पर्चे रद्द होने भाजपाईयों का प्रदर्शन
हिंदूवादी नेताओं ने दिल्ली दूतावास घेराव की चेतावनी दी
मेरठ। बांग्लादेश में चल रही चुनावी प्रक्रिया के दौरान हिंदू समुदाय से संबंधित कई उम्मीदवारों के नामांकन रद्द किए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर भाजपा और हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नामांकन किसी तकनीकी कारण से नहीं, बल्कि असुरक्षा, दमन और भेदभावपूर्ण परिस्थितियों के कारण रद्द किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप योग्य हिंदू उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।भाजपा नेता अंकित चौधरी ने बताया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है। उन्होंने गोविंद चंद्र प्रामाणिक का उदाहरण दिया, जिनका नामांकन रद्द कर दिया गया, जबकि उनके क्षेत्र में हिंदू आबादी अधिक है। चौधरी ने कट्टरपंथियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि प्रभावी उम्मीदवारों को न्याय दिलाया जाए और बांग्लादेशी हिंदुओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाने का भी सुझाव दिया।
दिल्ली में बांग्लादेश दूतावास का करेंगे घेराव
अंकित चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि हिंदुओं के अधिकारों का हनन जारी रहा, तो वे दिल्ली पहुंचकर बांग्लादेश दूतावास का घेराव करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में रहने वाले बांग्लादेशियों को देश से निकाला जाएगा।
उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में यूपी समेत अन्य प्रादेशों में भी चुनाव हैं। लेकिन भारत में माइनॉरिटी कम्युनिटी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता हैं। लेकिन बांग्लादेश में रहने वाले हिन्दुओं का दमन किया जा रहा हैं। उनकी बहन बेटियों का कट्टरपंथी बलात्कार कर रहे हैं। उन्हें घरों से निकाल कर मारा जा रहा है। सरकार को ऐसे गंभीर विषय पर हस्तक्षेप करना आवश्यक है।


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