ठंड से और खुंखार हुए बंदर
हमले से बचने के लोगों ने जाल लगाने आरंभ किए
मेरठ। कड़ाके की ठंड ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया है। इससे जीव जन्तु भी प्रभावित हो रहे है। सबसे ज्यादा प्रभाव बंदरों देखा जा रहा है। ठंड के कारण खुंखार बदंर लोगों पर हमला कर रहे है। बंदरों के हमले से बचने के लिए लोगों ने अपनी छताे व बाहरी ग्रिल पर जाल को लगनवाना आरंभ कर दिया है। निगम के कर्मचारी इन पर लगाम लगाने में पूरी तरह असफल नजर आ रहे है।
बंदरों के हमले से लगातार लोग हो रही जख्मी
शहर का शायद ही कोई इलाका बचा हो जहां पर बंदरों का आंतक न हो। शहर सदर बाजार, कोतवाली, सुभाष बाजार, दिल्ली रोड नयी मंडी ,हापुड रोड सब्जी मंडी , सदर स्थित सब्जी मंडी,लालकुर्ती , शारदा रोड, शास्त्री नगर, जाग्रति विहार, मयूर विहार, आदि काफी ऐसे स्थान है जहां पर बंदरों के आंतक से लोग काफी परेशान है। बच्चों से बुजुगाें तक का सड़क व गली से निकलना खतरे से खाली नहीं रह गया है। पता नहीं कब बंदर हमला कर दी। सबसे ज्यादा उन लोगों को ज्यादा खतरा बना रहता है। जिनके हाथ में कुछ सामान हो अगर सामान को बचाने को प्रयास करे बंदर उनपर हमला करने से नहीं चुकते है।
बंदर खूंखार, लोगों पर कर रहे वार
शहर में बंदर खूंखार हो रहे हैं। कुछ इलाकों में तो महिला, पुरुष व बच्चों ने मकानों की छतों पर जाना बंद कर दिया है। कारण है कि छत पर पहुंचते ही बंदर वार कर रहे हैं। बंदरों को पकड़ने की मांग को लेकर निगम के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। जिला अस्पताल के कमरा नम्बर 9 राेजाना बंदरों के शिकार लोग इंजेक्शन लगाने के लिए पहुंच रहे है। प्रति दिन आठ से दस लोग इंजेक्शन लगवाने के लिए आते है।
बोले पार्षद
पूर्व पार्षद विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि शहर में बंदरों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। अधिकतर इलाकों में बच्चों का छत पर घूमना, पतंग उड़ाना और महिलाओं को कपड़े सुखाना दूभर हो गया है। खूंखार बंदर महिला और बच्चों पर वार कर रहे हैं। कई लोग छतों से गिरकर घायल हो चुके हैं।
बंदरों को पकड़कर बाहर भेजने की मांग अधिकारियों से कई बार की जा चुकी है, लेकिन लोगों का कहना है कि कोई सुनने को तैयार नहीं है। निगम को बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाना चाहिए। साथ ही इनकी नसबंदी कराने का काम करें।
पार्षद अनुज वशिष्ठ ने भी नगरायुक्त को पत्र लिखकर बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा गजेन्द्र सिंह कहना है कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग का सहयोग लिया जाता है।


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