खर्राटे बन सकते हैं जानलेवा एवं हार्ट अटैक का कारण न करें लापरवाही
दस साल के मरीज की सर्जरी कर बीमारी से निजात दिलाई
मेरठ। आपको यह जानकर अचंभा होगा की खर्राटे , जिसे लोग मजाक बनाते हैं, वह हमारे दिल पर इतना जोर डाल सकता है कि इससे हार्ट अटैक भी आ सकता है। ऐसे में किसी प्रकार की लापरवाही न करें। अगर आपकों को सोते समय खर्राटें आते है। चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराएं। ऐसे ही एक दस साल के मरीज का मेडिकल कॉलेज में उपचार किया गया है।
गत दिनों में एक मरीज़ जिसकी उम्र 10 साल है (आहिल पुत्र अमीर) पिछले 6-8 महीने से कई निजी संस्थाओं एवं लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो चुका था, जिसमें उसे रात को सोने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और सोते-सोते सांस रुक जाती थी, जिस कारण वह उठकर बेठ जाता था।परेशानियों को देखते हुए वह मरीज़ मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में भर्ती थामरीज़ को सोने में परेशानी आती थी व खर्राटे आते थे, जिससे वह ठीक से सो नहीं पता था और रात को बीच-बीच में नींद में ही उठकर बैठ जाता था
क्योंकि उसकी सांस में घुटता था और उसके दिल पर जोर आता था जिससे उसकी दिल की बीमारी हो गई उसके दिल के valve खराब हो गए जिसे echocardiograpghy के माध्यम से tricuspid regurgitation डायग्नोज किया गया। यह मरीज़ डॉ मनीष तोमर पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी के अधीन भर्ती था। मरीज़ पिछले 1 साल से बार-बार आता था इसे सांस की मशीन(ventilator) पर रखा जाता था और फिर सांस की मशीन से हटाने पर इसे फिर वही दिक्कत स्टार्ट हो जाती थी
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने इसका कारण टॉन्सिल का बहुत ज्यादा बढ़ जाना एवं adenoid (जो की नाक के पीछे ही एक तरह के टॉन्सिल होते हैं ) उनका बहुत ज़्यादा बढ़ना डायग्नोज़ किया। जिससे मरीज का सांस लेने का रास्ता बहुत छोटा हो गया था और वह रात को सोते समय सांस नहीं ले पाता था। काफ़ी दवाइयां खाने के उपरांत एवं बार-बार सांस की मशीन में रखने पर भी यह समस्या हल नहीं हो रही थी।
तत्पश्चात् डॉ मनीष ने डॉ निकुंज जैन (नाक कान गला रोग विशेषज्ञ) से संपर्क किया एवं डॉ निकुंज जैन ने मरीज की सब खतरों को जानते हुए मरीज के माता-पिता को समझाया तथा adenotonsillectomy सर्जरी करने की सलाह दी
इस सफल सर्जरी को एक पूरी टीम ने संपन्न किया जिसमें डॉ मनीष तोमर पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट की पूरी टीम व डॉ निकुंज जैन (नाक कान गला रोग विभाग) की टीम, जिसमें सीनियर रेजिडेंट डॉ दीपंकर मलिक, डॉ रूपम एवं डॉअर्पित शामिल रहे । एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर योगेश मणिक एवं डॉ प्रमोद चंद्र की पूरी टीम का भी पूर्ण रूप से सहयोग रहा। सर्जरी के बाद अब मरीज़ पूरी तरह स्वस्थ है। वह आराम से सो पा रहा है बीच-बीच में नींद में जो उठ जाता था अब नहीं उठाता, सांस की मशीन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। मरीज के माता-पिता ने इस सफल सर्जरी हेतु मेडिकल कॉलेज को बहुत धन्यवाद दिया एवं आभार प्रकट किया।प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने इस सफल सर्जरी हेतु विभिन्न विभागों की पूरी टीम को बधाई दी।
डॉ निकुंज जैन ने बताया कि यह समस्या छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में हो सकती है इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए खर्राटे आना यह दर्शाता है कि आपका सांस का रास्ता पूरी तरह खुला हुआ नहीं है जिससे ऑक्सीजन पूरी तरह lungs में नहीं पहुंच पाती और , हार्ट को ज्यादा पंप करना पड़ता है , जिससे हार्ट पर ज़ोर आता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है अगर आपको भी खर्राटे आते हैं तो नाक कान गला रोग विशेषज्ञ से अवश्य संपर्क करें


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