सर्दियों के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बिगाड़ रही है सेहत
चिकित्सकों की सलाह को बिल्कुल न करें इग्नोर
मेरठ। सर्दियों में छोटी सी लापरवाही भी सेहत बिगाड़ सकती है। चिकित्सक ठंड से बचने, पौष्टिक भोजन लेने, सक्रिय रहने और बीमारियों से बचने की सलाह दे रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही ही लोगों की सेहत बिगाड़ रही है। यही कारण है कि मरीज दोबारा वायरल की चपेट में आ रहे हैं।जिला अस्पताल व मेडिकल में ऐसे मामले प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। चिकित्सक उन्हें खान-पान का विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
पिछले चार दिन से जिले में पड़ी रही कडाके ठंड के कारण लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं। प्रतिदिन बुखार, खांसी, जुकाम व बदन दर्द से पीड़ित मरीज उपचार के लिए जिलाअस्पताल और मेडिकल कॉलेज में पहुंच रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी व बाल रोग विशेषज्ञ डा अशोक कटारियों ने बताया वायरल पीड़ितों को दवाइयां भी दी जा रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही मरीजों पर भारी पड़ रही है। इन दिनों अस्पताल में ऐसे मरीज भी पहुंच रहे हैं, जो पहले वायरल से पीड़ित होकर ठीक हो गए थे, लेकिन लापरवाही से वह दोबारा से इस बीमारी की चपेट में आ गए।
यूपीएचसी पुलिस के प्रभारी डा अंकुर त्यागी ने बताया ओपीडी में प्रतिदिन 10 से 15 प्रतिशत ऐसे ही मामले सामने आए हैं। फिजिशियन के मुताबिक जांच के दौरान पता चला कि इन मरीजों ने उपचार के दौरान लापरवाही बरती। जिस कारण यह दोबारा से इसकी चपेट में आ गए।उन्होंने बताया कि वायरल पीड़ित मरीजों को समुचित उपचार लेने के साथ ही खान-पान और सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। एहतियात से ही इस बीमारी से बचा जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डा राहुल कुमार ने बताया दोबारा वायरल की चपेट में आने वाले मरीजों के बारे यह जानकारी सामने आई है कि पहले वह बुखार से पीड़ित थे। बुखार तो ठीक हो गया, लेकिन लापरवाही के कारण अब उन्हें खांसी हो गई। ऐसे कई मरीज सामने आए हैं। इसके अलावा अन्य मरीजों के वायरल के दूसरे लक्षण से पीड़ित होने की बात सामने आई है।शीतलहर की वजह से हृदय रोगियों और निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ी है। विभाग ने लोगों को थ्री लेयर गर्म कपड़े पहनने और तीन लीटर पानी पीने की सलाह दी है। वहीं बुजुर्गाें को चार लेयर कपड़े पहनना जरूरी बताया गया है।
अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कल्याण डा अशोक तालियान ने बताया बीते सप्ताह से ठंड लगातार बढ़ी है। निमोनिया, हार्टअटैक, लकवा और जुकाम-खांसी के मरीजों की संख्या दोगुना से अधिक है। ऐसे में इनर, स्वेटर और जैकेट जरूर पहनकर रहें। इसमें एंटी एयर जैकेट ज्यादा कारगर है। इससे शरीर का ताप बना रहता है।
बुजुर्गाें में कार्डियक अरेस्ट के साथ लकवा का खतरा तीन गुना है। ऐसे में बुजुर्ग अगर बाहर निकलते हैं तो उनके लिए फोर लेयर कपड़े पहनना जरूरी है। खासतौर से गला, सिर, कान जरूर ढककर रखने हैं। बच्चों को भी थ्री लेयर गर्म कपड़े पहनाएं। इनके कान, सिर और पैरों को जरूर ढकें। कम पानी पीने से भी त्वचा की एलर्जी और पेट रोग की दिक्कत बन रही है। ऐसे में तीन लीटर पानी जरूर पीएं।
इन बातों को रखे ध्यान
- धूप खिलने के बाद ही बच्चे और बुजुर्ग घर के बाहर निकलें।
- अंगीठी और अलाव का इस्तेमाल न करें, हीटर का उपयोग करें।
- हीटर जलाने पर खिड़की खुली रखें, जिससे ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहे।
- गुनगुना पानी पीएं, दाल हरी सब्जी, फल और ड्राईफ्रूट खाएं।
- नियमित व्यायाम करें। शरीर को वार्मअप करें।


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