1 फरवरी को होगा 12वां वार्षिक गीता पारायण

 डिप्टी सीएम  प्रसाद मौर्य भी होंगे शामिल ,समाज को जोड़ने का संदेश देगा गीता पारायण महायज्ञ

मेरठ। आगामी 1 फरवरी को 12 वां वार्षिक गीता पारायण का आयोजन  सरस्वती शिशु मंदिर में किया जाएगा  कार्यक्रम में लगभग 500 श्रद्धालु शामिल होंगे और सभी श्रद्धालुओं को श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण भी किया जाएगा। महायज्ञ में 700 श्लोकों का सामूहिक पारायण, महायज्ञ, विभूति सम्मान और भंडारे का आयोजन होगा। विशेष आकर्षण के रूप में छह वेद आचार्य संगीतबद्ध सुरों के साथ गीता का गान करेंगे।

 मीडिया को जानकारी देते हुए विश्व गीता संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव कवयित्री तुषा शर्मा ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2026 को कलश यात्रा और 1 फरवरी 2026 को सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, डी-ब्लॉक शास्त्री नगर में श्रीमद्भगवद्गीता पारायण महायज्ञ आयोजित होगा।यह आयोजन संस्थान का 12वां वार्षिक गीता पारायण कार्यक्रम है, जो वर्ष 2016 से निरंतर प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समरसता का संदेश देना है और “घर-घर गीता, हर घर गीता” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।

इस भव्य आयोजन में पूज्य स्वामी शिव प्रेमानंद महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर हरिद्वार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, हरिकांत अहलुवालिया (महापौर, मेरठ), गीता मर्मज्ञ डॉ. संजय जैन, निलेश शर्मा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व गीता संस्थान), देवदत्त शर्मा (पूर्व कमिश्नर व राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष), डॉ. स्वामीनाथ मिश्र (इटली) सहित अनेक संत और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।

इस दौरान विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और विश्व गीता संस्थान के संस्थापक एवं प्रवर्तक आचार्य राधाकृष्ण मनोडी ने समाज में बढ़ते वैचारिक टकराव और सांस्कृतिक मूल्यों के क्षरण पर चिंता जताई।

आचार्य मनोडी ने कहा कि देश में सांस्कृतिक जीवन मूल्यों का ह्रास हो रहा है और समाज को बांटने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। समाज का ताना-बाना कमजोर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सामाजिक सद्भावना ही एकमात्र समाधान है, जिसके जरिए राष्ट्र को सही दिशा दी जा सकती है।प्रयागराज प्रकरण पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में पूज्य शंकराचार्य और प्रशासन—दोनों स्तरों पर गलतियां हुई हैं, जिन्हें सुधारा जाना चाहिए।

यूजीसी के मुद्दे पर आचार्य मनोडी ने कहा कि सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव को लेकर समाज में आक्रोश है। यूजीसी को इस समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए और भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों पर गंभीरता से निर्णय लेकर ही कानून बनाने चाहिए।

 इस मौके पर  विनोद भारतीय, विनोद शर्मा, विजय भोला, आलोक सिसौदिया, चंद्रशेखर मयूर, दुलीचंद उपाध्याय, सुदेश दीक्षित, प्रणव मनोडी, हितेश चौधरी, महिपाल भड़ाना और मुकेश शर्मा उपस्थित रहे।

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